Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    अनोखी लव स्टोरी, न सुन पाते हैं न बोल:बैडमिंटन मेडलिस्ट आकाश की सादगी पर फिदा हुई मुस्कान, अब लेंगे फेरे

    9 hours ago

    वैलेंटाइन डे। आज हर तरफ प्यार की कहानियां हैं। प्यार के इजहार की बातें हैं। इस बीच जयपुर के आकाश (27) और धौलपुर की मुस्कान की प्रेम कहानी भी बेहद खास है। दोनों न सुन सकते हैं, न बोल सकते हैं। फिर भी इनकी मोहब्बत शब्दों और आवाज की मोहताज नहीं। आंखों और इशारों से एक-दूसरे का दर्द, प्यार, नाराजगी, सब कुछ समझ लेते हैं। ये लव स्टोरी परवान चढ़ी सोशल मीडिया से। चैट हुई। मुलाकातें हुईं। बैडमिंटन में मेडलिस्ट प्लेयर आकाश की सादगी ने मुस्कान का दिल जीत लिया। मुस्कान ने भी कैनवास पर पेंटिंग्स के जरिए अपनी मोहब्बत का इजहार किया। एक साल की दोस्ती के बाद अब ये कपल वैलेंटाइन-डे के 5 दिन बाद (19 फरवरी) शादी के बंधन में बंधन जा रहा है। शादी की पवित्र रस्मों को समझाने के लिए एक खास ट्रांसलेटर को बुलाया गया है। देशभर से 100 से ज्यादा डेफ बच्चों को शादी का निमंत्रण भेजा गया है। इस खास शादी से पहले भास्कर ने कपल से बात कर उनकी लव स्टोरी को जाना… सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी आकाश अपनी ही तरह डेफ स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं। बैडमिंटन की इंटरनेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल जीत चुके हैं। मुस्कान धौलपुर जिले के बाड़ी की रहने वाली हैं। वहीं अपने परिवार के साथ रहती हैं। आकाश और मुस्कान की पहचान एक परिचित के जरिए हुई थी। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों की बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती चली गई। वीडियो कॉल के जरिए दोनों एक-दूसरे को समझने लगे। शुरुआत में इशारों की भाषा और भावनाओं को समझना आसान नहीं था। लेकिन समय के साथ संवाद मजबूत होता गया। करीब एक साल तक दोनों अच्छे दोस्त रहे। आकाश की सादगी ने जीता मुस्कान का दिल करीब एक साल दोस्ती के दौरान उन्होंने एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, सोच और जीवन के लक्ष्य को जाना। आकाश ने इशारों में बताया कि जब पहली बार मुस्कान से बातचीत शुरू हुई, तभी वह उन्हें पसंद आने लगी थीं। उन्हें मुस्कान की समझदारी और पेंटिंग का शौक आकर्षित करता था। मुस्कान बताती हैं- शुरुआत में वह थोड़ी संकोच में थीं। जैसे-जैसे दोस्ती मजबूत हुई, आकाश का आत्मविश्वास और सादगी उन्हें अच्छी लगने लगी। आकाश इशारों में मुस्कान की तारीफ करते हुए बताते हैं- उनकी बॉन्डिंग की खास बात है गहरी दोस्ती। जब कोई नाराजगी होती है या गुस्सा आता है तो मुस्कान ही उन्हें मनाती हैं। मुस्कान की एक स्माइल से सारा गुस्सा फुर्र हो जाता है। दोस्ती से शादी तक का सफर एक साल बाद आकाश ने इस रिश्ते को शादी में बदलने की इच्छा जताई। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को बताया। शुरुआत में परिवार असमंजस में था, लेकिन बाद में उनकी समझदारी को देखते हुए आकाश का परिवार राजी हो गया। मुस्कान के परिवार ने भी विचार-विमर्श के बाद इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। अब 19 फरवरी को दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने प्री-वेडिंग शूट भी कराया है। शादी की तैयारियों के साथ-साथ दोनों डांस की भी प्रैक्टिस कर रहे हैं। भले ही वे संगीत की आवाज नहीं सुन सकते, लेकिन उसकी ताल और कंपन को महसूस करते हुए प्रैक्टिस कर रहे हैं। पढ़ाई में ब्रिलिएंट, बैडमिंटन में मेडलिस्ट हैं आकाश आकाश के पिता बाबूलाल गुप्ता बताते हैं- आकाश के जन्म के करीब एक साल बाद पता चला कि वह सुन नहीं सकते। समय के साथ यह भी स्पष्ट हो गया कि सुनने में असमर्थ होने के कारण वे बोल भी नहीं पाएंगे। यह परिवार के लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। आकाश को स्पेशल एजुकेशन और ट्रेनिंग दिलवाई। बचपन से ही आकाश ने अपनी स्थिति को कमजोरी नहीं बनने दिया। पढ़ाई में आकाश शुरू से ही होनहार रहे। आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, खेलों में भी आकाश ने देश का नाम रोशन किया। आकाश गुप्ता ने मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। कैनवास पर रंगों से भावनाएं व्यक्त करती हैं मुस्कान मुस्कान के परिवार में माता-पिता और दो बड़े भाई-बहन हैं। मुस्कान के दोनों बड़े भाई-बहन भी उनकी तरह ही सुन और बोल नहीं सकते। मुस्कान को पेंटिंग का बहुत शौक है। रंगों के माध्यम से वह अपनी भावनाओं को व्यक्त करती हैं। जहां शब्द नहीं पहुंच पाते, वहां उनकी कला उनके मन की बात कह देती है। पिता बोले- बेटे ने कभी महसूस नहीं होने दिया कि वो किसी से कम है आकाश के पिता बाबूलाल गुप्ता बताते हैं- हमें आकाश के भविष्य की चिंता थी। आकाश को साइन लैंग्वेज सिखाना शुरू किया, ताकि हम उससे सही तरीके से संवाद कर सकें। धीरे-धीरे वह भी सीखता गया। पढ़ाई में आकाश बहुत इंटेलिजेंट था। उसने कभी हमें यह महसूस नहीं होने दिया कि वह किसी से कम है। छठी कक्षा तक विशेष स्कूल में पढ़ने के बाद उसे सामान्य स्कूल में दाखिला दिलाया गया। उसे बैडमिंटन का बहुत शौक था। मेहनत के दम पर वह इंटरनेशनल लेवल तक खेला और देश के लिए मेडल भी जीता। उस दिन हमें लगा कि हमारे बेटे ने सच में हमारी मेहनत सफल कर दी। अब बेटे की शादी को लेकर वे भावुक होकर कहते हैं- दोनों बच्चे एक-दूसरे के साथ जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं। हम बहुत खुश हैं। हमारी यही इच्छा है कि दोनों आम लोगों की तरह जिंदगी में आगे बढ़ें। ट्रांसलेटर समझाएगा शादी के 7 फेरों का मतलब और सारी रस्में आकाश और मुस्कान की शादी जयपुर के एक होटल में होगी। शादी के लिए एक खास ट्रांसलेटर बुलाया गया है। ये ट्रांसलेटर साइन लैंग्वेज में दोनों को 7 फेरों सहित शादी की सारी रस्में समझाएगा। खास बात यह भी है कि शादी में 100 से ज्यादा ऐसे ही बच्चे शामिल होंगे, जो सुन और बोल नहीं सकते। देशभर में ऐसे बच्चों को शादी का निमंत्रण भी भेजा गया है।
    Click here to Read More
    Previous Article
    आयरलैंड को पहली जीत की तलाश:ओमान के खिलाफ कोलंबो में भिड़ंत; कप्तान पॉल स्टर्लिंग घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर
    Next Article
    भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा एकतरफा नहीं रहते:4 मुकाबलों में आखिरी गेंद पर फैसला; अब तक नहीं बना 200+ का स्कोर

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment