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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के कमल सदाना फैमिली मर्डर केस-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे एक्टर कमल सदाना के 20वें जन्मदिन के रोज पिता प्रोड्यूसर बृज सदाना ने मां और बहन पर गोलियां चलाईं। जब कमल गोली की आवाज सुनकर पहुंचे तो पिता ने उन पर भी फायरिंग की, जिससे गोली उनके गले के आर-पार हो गई। दोस्त की कलाई में भी गोली लगी। एक्टर मां और बहन को खून से लथपथ हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। गले में गोली लगने पर उनकी भी इमरजेंसी सर्जरी हुई। अगले दिन जब उन्हें होश आया और वो घर पहुंचे, तो मां और बहन की लाशें अर्थी पर थीं। पास में उनके पिता की भी लाश थी। सबके हॉस्पिटल निकलने के बाद पिता ने खुद भी आत्महत्या कर ली थी। अब पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- पत्नी पर शक करते थे बृज सदाना कमल सदाना के पिता बृज सदाना एक दौर के बड़े प्रोड्यूसर थे। जब उनकी कुछ फिल्में नहीं चलीं तो वो शराब के आदी हो गए। रोज नशे में वो पत्नी पर शक करते और झगड़ा करते। उनकी पत्नी यानी कमल सदाना की मां सईदा खान (सुधा सदाना) एक जमाने की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं, जो किशोर कुमार, मनोज कुमार जैसे कई बड़े स्टार्स के साथ काम कर चुकी थीं। बेटी को दुनिया के सामने बहन बनाकर रखती थीं सईदा खान फिल्मों में आने के बाद सईदा पर उनकी मां अनवरी और छोटी बहन शगुफ्ता की जिम्मेदारी थी। दोनों कार्टर रोड स्थित घर में रहते थे। एक समय में सईदा खान को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। तब बृज सदाना ने उनकी मदद करते हुए उन्हें अपनी फिल्मों में काम दिया था। समय के साथ दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और शादी कर ली। शादी के बाद सईदा, सुधा सदाना बन गईं और फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। ऐसे में बृज सदाना ने उनके परिवार की भी जिम्मेदारी उठाई। सईदा और उनकी छोटी बहन शगुफ्ता में उम्र का फासला था। सईदा की शादी के बाद खबरें आने लगीं कि अनवरी ने छोटी बेटी शगुफ्ता को गोद लिया था, जबकि उनकी शक्ल बड़ी बहन सईदा से काफी मिलती थी। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता रफीक ने कहा था, ‘मुझे बचपन का कुछ ज्यादा याद नहीं। मुझे बताया गया था कि मेरी मां ने मुझे गोद लिया था। वहीं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि मेरी बड़ी बहन सईदा खान ही मेरी मां हैं। मुझे आज तक सच्चाई का पता नहीं चला कि कौन मेरी मां थी। फैमिली में दो-तीन लोगों को छोड़कर बाकी सबका रवैया बहुत बुरा था। लोग गुस्सा करते थे, ताने मारते थे, साथ ही मुझे जलील भी किया जाता था।’ 'मेरी बहन के पति और बच्चे भी ताने देते थे। कभी पीठ पीछे, तो कभी सामने बोलते थे। बड़ी बहन सईदा के मैं काफी नजदीक थी। वो अक्सर कहती थीं कि वो ही मेरी मां हैं। ये बात ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी कहते हैं। मुझे इस बात के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसी वजह से फिल्म के कुछ सीनियर लोग थे, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनसे जब मेरी मुलाकात होती थी, तब उनका रवैया मेरे लिए बहुत अच्छा होता था। वे लोग मानते थे कि मैं फेमस एक्ट्रेस सईदा खान की बेटी हूं, जो मेरी बहन थीं।' दैनिक भास्कर ने शगुफ्ता शफीक से कमल सदाना फैमिली मर्डर केस पर सवाल किया, तो उन्होंने साफ कहा कि कमल नहीं चाहते कि इस केस पर कोई भी बयान दिया जाए। फिल्मी मैगजीन में छपने वालीं इन खबरों से बृज सदाना को शक होने लगा कि कहीं शगुफ्ता, सईदा की ही बेटी तो नहीं, जिन्हें वो दुनिया के सामने अपनी गोद ली हुई छोटी बहन कहती हैं। घर में इस बात पर झगड़े बढ़ने लगे थे। शराब की लत ने इन झगड़ों को मारपीट तक पहुंचा दिया। पहले भी पत्नी को डराने के लिए गोली चला चुके थे बृज सदाना कमल सदाना महज 8 साल के थे, जब पिता ने पहली बार परिवार के सामने रिवॉल्वर चलाई थी। कमल सदाना ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए पुराने इंटरव्यू में कहा था, ‘मुझे यह घटना बहुत साफ याद है, जब मैं करीब आठ या दस साल का था। मम्मी और पापा के बीच हर साल एक बड़ा झगड़ा होता था, जिसे मैं और मेरी बहन नम्रता “उनकी सालाना लड़ाई” कहते थे। एक बार मम्मी घर छोड़कर चली गईं और मुझे अपने साथ कार्टर रोड वाले हमारे ओशियाना अपार्टमेंट के फ्लैट में ले गईं। पापा हमारे पीछे-पीछे वहां आ पहुंचे और फ्लैट में घुसने की जिद करने लगे।’ ‘मम्मी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया। पापा नशे में थे। उन्होंने चौकीदार से सीढ़ी मांगी ताकि वह बालकनी के रास्ते अंदर चढ़ सकें। जब चौकीदार ने मना कर दिया, तो उन्होंने अपनी जेब से बंदूक निकाली और हवा में एक गोली चला दी।’ नरगिस दत्त ने की थी सईदा की मदद, जब्त करवाई थी रिवॉल्वर कमल सदाना ने जिस घटना का जिक्र किया, उसके बाद सईदा समझ चुकी थीं कि बृज सदाना का गुस्सा किसी दिन परिवार के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्हें पति के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। उस समय मशहूर एक्ट्रेस नरगिस, सईदा की करीबी दोस्त थीं। नरगिस ने राजनैतिक प्रभाव से बृज सदाना की रिवॉल्वर जब्द करवा दी थी। कई सालों तक बृज पुलिस स्टेशन के चक्कर काटते रहे। फिर 80 के दशक के मिड में पंजाब में बढ़ती हिंसा के बाद बृज सदाना ने कहा कि उन्हें खालिस्तानियों की तरफ से रंगदारी और धमकियों के कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए रिवॉल्वर चाहिए। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर दोबारा मिल गई। ये वही रिवॉल्वर थी, जिसने कमल सदाना के परिवार को खत्म कर दिया। बेटी के अफेयर से नाखुश थे बृज सदाना हर किसी का सवाल था कि आखिर बृज सदाना ने पूरे परिवार की हत्या क्यों की। इस पर आशिम सामंथा कहते हैं, जहां तक मुझे पता है और मैंने सुना है कि वो अपनी बेटी (नम्रता सदाना) से खफा थे। उनकी बेटी किसी दूसरे धर्म के लड़के से प्यार करती थी और वो उसकी शादी जबरदस्ती किसी और से करवाना चाहते थे। इसी वजह से कुछ बात हुई और उनका टेंपर लूज हुआ और उन्होंने बंदूक चला दी। साथ ही उन्होंने शराब भी पी रखी थी। उस समय ये केस कवर करने वाले सीनियर फिल्म जर्नलिस्ट हनीफ जावेरी कहते हैं, ‘बृज सदाना ने बहुत अच्छी फिल्में बनाई थीं। उनको शक हो गया था कि उनकी बेटी कुछ गलत कर रही हैं। ये कहीं कन्फर्म नहीं किया गया, लेकिन यही तथ्य सामने आया। उनका पत्नी से रिश्ता भी ठीक नहीं था। उन्होंने सईदा खान से लव मैरिज की थी।’ ‘उस दिन उन्होंने पत्नी पर सबसे पहले गोली चलाई थी। तभी अचानक उनकी बेटी सामने आ गई, तो उन्होंने उस पर भी गोली चलाई। उन्होंने कमल पर भी गोली चलाई, लेकिन वो लगी नहीं और आखिर में खुद को भी गोली मार ली। एक घर से तीन शव एक साथ किसी घर से निकलना, खुद का, बेटी का, पत्नी का अपने आप में ताज्जुब की बात थी। मैंने बृज सदाना के कई इंटरव्यू किए थे। लेकिन वो ज्यादातर उनकी फिल्मों को लेकर थे। हम कई बार पार्टीज में भी मिला करते थे।’ हनीफ जावेरी ने बताया कि क्योंकि बृज सदाना खुद भी आत्महत्या कर चुके थे, इसलिए कोई बड़ा केस नहीं बना। वो कहते हैं, ‘जब मारने वाला ही नहीं रहा तो ऑटोमैटिकली फाइल क्लोज हो जाती है। पुलिस रिपोर्ट में भी यही कहा गया कि वो नशे में थे। ये भी कहा गया कि वो बहुत फ्रस्ट्रेशन में थे।’ जिस लड़के से प्यार करती थीं बेटी, घटना के समय वो भी था मौजूद बृज सदाना की बेटी नम्रता जिस मुस्लिम लड़के से प्यार करती थीं, वो कोई और नहीं बल्कि भाई कमल सदाना के सबसे खास दोस्त आबिस रिज्वी थे। आबिस रिज्वी, राज्यसभा सांसद रह चुके अख्तर हसन रिज्वी के बेटे थे। घटना के समय वो महज 22 साल के थे। कमल से दोस्ती होने के चलते वो अक्सर उनके घर आया जाया करते थे। यहीं उनकी नम्रता से बातचीत हुई और फिर दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। जब ये बात उनके पिता बृज सदाना को पता चली तो उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया। लेकिन नम्रता शादी की बात पर अड़ चुकी थीं। बृज सदाना ने भी मुस्लिम सईदा खान से शादी की थी। झगड़े में अक्सर नम्रता इस बात का जिक्र करती थीं कि उनके पिता ने भी मुस्लिम से शादी की, तो उन्हें आबिस से शादी से ऐतराज क्यों है। हालांकि ये कभी सामने नहीं आ सका कि पिता को नम्रता के आबिस से रिश्ते से क्या आपत्ति थी। 21 अक्टूबर 1990 को जिस दिन ये हत्याकांड हुआ, उस दिन कमल, दोस्तों आबिस और हरि के साथ ही 20वां बर्थडे सेलिब्रेट करने निकले थे। पार्टी कर तीनों घर लौटे और पहली मंजिल के कमरे में गाने बजाकर मस्ती कर रहे थे। तभी उन्हें गोलियों की आवाज सुनाई दी। आबिस ही कमल के साथ नम्रता और उनकी मां सईदा को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसके बाद वो कमल को हिंदुजा हॉस्पिटल ले गए, जहां उनकी सर्जरी हुई। आबिस बने कमल का सहारा, फिर उनकी भी हुई हत्या फैमिली हत्याकांड के बाद कमल सदाना पूरी तरह अकेले पड़ गए। इस दौर में आबिस ने ही उन्हें सहारा दिया था। पिता के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से भी उन्हें काफी मदद मिली। आबिस पिता डॉक्टर हसन रिज्वी की लीगेसी को आगे बढ़ाते हुए रिज्वी ग्रुप के डायरेक्टर बने, इसके अलावा वो रियलस्टेट कंपनी रिज्वी बिल्डर के सीईओ भी रहे। उनके अंकल सिबते हसन रिज्वी भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े थे। उन्होंने कामोशी, जोशीले जैसी फिल्में डायरेक्ट की थीं। वहीं उनके कजिन अंजुम रिज्वी ने आहिस्ता आहिस्ता (2006) और ए वेंसडे (2008) जैसी फिल्में प्रोड्यूस की हैं। जब सालों बाद कमल सदाना ने साल 2014 में फिल्म रोर से डायरेक्टोरियल कमबैक किया, तो आबिस रिज्वी ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया था। आबिस ने शादी भी कर ली थी। वो परिवार के साथ मुंबई में ही रहते थे। साल 2017 में आबिस रिज्वी दोस्तों के साथ नए साल का जश्न मनाने इस्तानबुल गए थे। 1 जनवरी को वो इस्तानबुल के नाइटक्लब रीना में पार्टी कर रहे थे, तभी एक शख्स ने बंदूक से अंधाधुन फायरिंग करना शुरू कर दिया। नाइटक्लब में उस दिन 700 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें से 39 मारे गए और 69 घायल हो गए। मरने वालों में दो भारतीय भी शामिल थे। तत्कालीन विदेश मंत्री सुष्मा स्वाराज ने ट्वीट कर दो भारतीयों के निधन की जानकारी दी। इनमें कमल सदाना के दोस्त आबिस रिज्वी भी शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की थी। परिवार को खो दिया, दोस्त की भी हत्या हुई, दर्द का अंत नहीं- कमल सदाना अपने सबसे करीबी दोस्त को खोने के बाद कमल सदाना ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैंने अपने दोस्त को सबसे बुरी तरह से खो दिया। जब इस्तानबुल में हुए नरसंहार की खबर यहां पहुंची, तो मैंने उसे अबिस से नहीं जोड़ा, जबकि मुझे पता था कि वह इस्तानबुल में छुट्टियां मना रहे थे। फिर मैंने सुषमा स्वराज जी का ट्वीट पढ़ा, जिसमें लिखा था कि इस हिंसा में दो भारतीयों की मौत हो गई है। उसमें मृतकों में से एक के रूप में अबिस का नाम भी था।’ 'मैंने एक ही रात में अपना पूरा परिवार खो दिया। मुझे लगा था कि इस जिंदगी में मैंने काफी कुछ देख लिया और सभी ट्रेजेडी देख ली है। मैं गलत था। इस दर्द का कोई अंत नहीं है। अब मैंने अपना दोस्त भी खो दिया।' कैसे फिल्मों से जुड़े कमल सदाना? साल 1990 में हत्याकांड के कुछ समय बाद ही कमल ने फिल्मों में काम ढूंढना शुरू कर दिया। सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यूू में कमल सदाना ने फिल्मों में आने पर कहा, ‘मेरे पिता मुझे एक फिल्म में टिस्का (चोपड़ा) के साथ लॉन्च करने वाले थे। लेकिन फिर घर में ट्रैजेडी हुई और मैंने परिवार को खो दिया। मेरे पास सिर्फ दोस्त थे। इस घटना के 15 दिन बाद ही मुझे एहसास हो गया कि मैं 20 साल का हूं, मुझे काम ढूंढना ही पड़ेगा। मैं प्रोड्यूसर्स के घरों में चक्कर लगाया करता था। मैं हर किसी से कहता था, मुझे फिल्म में ले लो, मुझे लॉन्च कर दो। तब तक मेरी ट्रेनिंग हो चुकी थी। उस समय राहुल (रवैल) एक फिल्म प्रोड्यूस कर रहे थे। हमारे घर पास में ही थे। राहुल जी के पिता एच.एस.रवैल ने ही मेरी मां को मनोज कुमार के साथ फिल्मों में लॉन्च किया था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे पता चला कि वो फिल्म बेखुदी बना रहे थे। मैं उनसे कहता था कि मुझे ले लीजिए, मैं रोज सुबह उनके घर के बाहर खड़ा हो जाता था। पहले वो मुझे बेटा-बेटा बोलते थे, लेकिन फिर मैं उनके लिए सिरदर्द बन गया था कि ये रोज सुबह आकर खड़ा हो जाता है। मैंने उनसे कहा- ले लो न यार। मैं अच्छा काम करूंगा।”’ कमल की जिद देखकर रजत रवैल ने उन्हें काम देने की तसल्ली दे दी। कुछ दिन बीते थे कि कमल के घर पर एक निमंत्रण कार्ड आया। उन्होंने देखा कि वो राहुल रवैल की फिल्म बेखुदी के मुहुर्त का न्योता था। वही फिल्म जिसमें कमल काम करने की जिद कर रहे थे। कार्ड में कास्टिंग वाली जगह में काजोल और सैफ अली खान का नाम लिखा था। दोनों ही उस समय न्यूकमर थे। ये सैफ-काजोल इस फिल्म से डेब्यू कर रहे थे। कमल ने दिल छोटा नहीं किया और गुलदस्ता लेकर मुहुर्त में पहुंच गए। एक वजह ये भी थी कि उनके परिवार की रवैल परिवार से अच्छी दोस्ती थी। मुहुर्त हुआ और फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो गई। 2-3 दिन बीते ही थे कि कमल को पता चला कि किसी मतभेद के चलते सैफ अली खान को फिल्म से निकाल दिया गया है। ये सुनते ही वो फिर प्रोड्यूसर के घर के बाहर पहुंच गए, और कहा, अब तो ले लो। और इस तरह कमल सदाना को पहली फिल्म बेखुदी मिली। इसके बाद वो दिव्या भारती के साथ फिल्म रंग में नजर आए, जिसका गाना तुझे न देखूं तो चैन मुझे आता नहीं है, बेहद मशहूर है। ट्रैजेडी के ठीक एक साल बाद फिर दोहराना पड़ा वही सीन 21 अक्टूबर 1990 में हुए हादसे के ठीक एक साल बाद कमल और काजोल फिल्म बेखुदी का क्लाइमैक्स सीन शूट कर रहे थे। सीन के मुताबिक, काजोल को गोली लगनी थी और कमल को उनके पास खड़े होकर रोते हुए उन्हें होश में लाने की कोशिश करना था। यही सीन ठीक एक साल पहले कमल ने जिया था। ठीक इसी तरह मां और बहन को गोली लगने के बाद वो रो रहे थे। उन्होंने डायरेक्टर से पूछा कि क्या ये आज ही करना जरूरी है। डायरेक्टर यही चाहता था, तो कमल को वो सीन करना ही पड़ा। कमल सदाना चंद फिल्मों में नजर आए, हालांकि लगातार फिल्में फ्लॉप होने के बाद उन्होंने साल 2005 में फिल्मों से दूरी बना ली। साल 2022 में उन्होंने पहली को-स्टार काजोल के साथ फिल्म सलाम वेंकी से एक्टिंग कमबैक किया है। इसके बाद वो ईशान खट्टर और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म पिप्पा में सैम मानेकशॉ के रोल में नजर आए हैं। कमल ने मेकअप आर्टिस्ट लीसा जॉन से शादी की है, जिससे उन्हें 2 बच्चे हैं। उन्होंने अपनी बेटी का नाम नम्रता रखा है, जो उनकी बहन का नाम था। कमल ने अपने परिवार की ट्रेजेडी पर एक शॉर्ट फिल्म ए मूमेंट ऑफ पॉस भी बनाई है, जिसमें उनके पारिवारिक दोस्त प्रेम चोपड़ा ने बृज सदाना का रोल प्ले किया था। ……………………………………. पार्ट-1, एक्टर कमल सदाना का बर्थडे बना मातम:नशे में पिता ने बहन-मां की हत्या की, बचाने आए एक्टर और दोस्त को गोली मारी
तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- जल कमल बंगला, 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई एक्टर कमल सदाना का 20वां बर्थडे थे। उस रोज उनकी नींद मां-बाप के झगड़े के शोर से खुली। आमतौर पर पिता बृज सदाना शाम होते ही पीना शुरू कर देते थे, लेकिन उस रोज उन्होंने सुबह से ही पीना शुरू कर दिया था। शाम होते-होते मां ने कमल सदाना की बर्थडे पार्टी के लिए घर में ही इंतजाम कर लिए। कमल के कुछ दोस्त भी घर आने वाले थे। शाम को कमल के दो दोस्त हरि और रिज्वी आए। कमल उनके पार्टी करने निकल गए। दोस्तों के साथ लंबी सैर की, खाना खाया और फिर घर लौट आए। तब भी दोस्त साथ ही थे। पूरी खबर पढ़िए… (नोट - ये खबर कमल सदाना के परिवार के करीबी और बृज सदाना के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर चुके आशिम सामंत, फिल्म जर्नलिस्ट हनीफ जावेरी और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी लेते हुए लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ……………………………………………. अगले मंगलवार-बुधवार, 3-4 मार्च को बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-9 में पढ़िए कहानी एक्ट्रेस जिया खान सुसाइड केस की। जिया खान जून 2013 में आत्महत्या की थी। उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली पर टॉर्चर करने और धोखा देने के आरोप लगाए। जिया की मां ने दावा किया है कि जिया ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनका मर्डर हुआ है। उनका कहना है कि जिस दुपट्टे के फंदे में जिया का शव मिला, उसे कभी फॉरेंसिक टेस्ट के लिए भेजा गया। जिया खान का शव फंदे से लटका मिला: गले में मिले घड़ी के निशान, स्कैंडल न बने इसलिए बॉयफ्रेंड ने घर में करवाया अबॉर्शन, बाथरूम में बहाया फीटस …………………………………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए…
…………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए…
……………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…