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    एशियाई मूल के 69 खिलाड़ी 11 टीमों में:कनाडा में 11, अमेरिका में 9 भारतीय, ओमान में सबसे ज्यादा 14 एशियाई प्लेयर

    3 weeks ago

    आज से शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के 40 खिलाड़ी अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते नजर आएंगे। वहीं भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसी एशिया की टॉप क्रिकेट खेलने वाली टीमों से जुड़े कुल 69 खिलाड़ी 11 अन्य देशों का प्रतिनिधित्व करते दिखाई देंगे। स्टोरी में किस टीम में कितने एशियाई और भारतीय मूल के प्लेयर्स… कनाडा और USA की टीम में सबसे ज्यादा कनाडा और USA की टीमों में एशियाई मूल के खिलाड़ियों की सबसे ज्यादा मौजूदगी है। नॉर्थ अमेरिका की इन टीमों में कुल मिलाकर 26 एशियाई और 19 भारतीय प्लेयर्स हैं। कनाडा की टीम में कुल 13 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें से 11 अकेले भारतीय मूल के हैं। खास बात यह है कि टीम की कप्तानी भी दिलप्रीत बाजवा संभाल रहे हैं। वहीं USA की टीम में भी 13 खिलाड़ी एशियाई मूल के शामिल हैं। इसमें श्रीलंका के शेहान जयसूर्या के अलावा सौरभ नेत्रावलकर और हरमीत सिंह जैसे 9 भारतीय और 3 पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। UAE और ओमान की टीम में भारत-पाकिस्तान का दबदबा UAE और ओमान की टीमों में भारत-पाकिस्तान मूल के खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आता है। UAE की टीम में कुल 12 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें 7 भारतीय और 5 पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं ओमान की टीम में भारत और पाकिस्तान के कुल 14 खिलाड़ी हैं, जिनमें दोनों देशों के 7-7 खिलाड़ी शामिल हैं। ओमान के लिए जतिंद्र सिंह, आशीष ओडेदरा और करन सोनवाले जैसे खिलाड़ी खेल रहे हैं, जो मूल रूप से क्रमशः पंजाब, गुजरात और मुंबई के रहने वाले हैं। न्यूजीलैंड से इंग्लैंड तक भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी न्यूजीलैंड में रचिन रवींद्र और ईश सोढ़ी दोनों भारतीय मूल के हैं। ईश सोढ़ी का जन्म लुधियाना में हुआ था, जबकि रचिन रवींद्र के पिता बेंगलुरु से ताल्लुक रखते हैं। साउथ अफ्रीका टीम के स्टार स्पिनर केशव महाराज भी भारतीय मूल के हैं। उनके परदादा 1874 में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरमिटिया मजदूर के रूप में डरबन पहुंचे थे। इंग्लैंड से रेहान अहमद, आदिल राशिद और साकिब महमूद तीनों पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं। रेहान अहमद के पिता 2001 में पाकिस्तान से इंग्लैंड शिफ्ट हुए थे और वहां टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे। नीदरलैंड टीम में आर्यन दत्त (भारतीय मूल) और साकिब जुल्फिकार (पाकिस्तानी मूल) शामिल हैं। इटली और स्कॉटलैंड में भी एशियाई पहचान इटली की टीम में कुल 6 खिलाड़ी एशियाई मूल के हैं, जिनमें जसप्रीत सिंह भारतीय मूल के हैं। इसके अलावा टीम में 3 खिलाड़ी पाकिस्तान और 2 खिलाड़ी श्रीलंका से ताल्लुक रखते हैं। वहीं स्कॉटलैंड की टीम में अफगानिस्तान मूल के जैनुल्लाह एहसान और पाकिस्तान मूल के सफयान शरीफ खेल रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम में भी पाकिस्तान में जन्मे सिकंदर रजा सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर मौजूद हैं, जो लंबे समय से टीम के अहम ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं। एशियाई प्लेयर्स 6 प्लेइंग इलेवन बना सकते हैं अगर वर्ल्ड कप खेल रही भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान की मुख्य टीमों को अलग कर दें, तो बाकी देशों की ओर से खेल रहे इन 69 खिलाड़ियों से 6 अलग-अलग प्लेइंग इलेवन तैयार की जा सकती हैं। यानी 20 देशों के इस वर्ल्ड कप में हालात ऐसे हैं कि करीब 10 देशों की प्लेइंग इलेवन सिर्फ एशियाई मूल के खिलाड़ियों से ही बनाई जा सकती है।
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