Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    इजराइली पीएम बोले- खामेनेई के मारे जाने के संकेत:लेकिन सबूत नहीं दिए, ईरान बोला- सुप्रीम लीडर जिंदा; अब तक 200 मौतें

    21 hours ago

    इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर बड़ा हमला किया। अब इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के मारे जाने के संकेत हैं। हालांकि उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया है। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि सुप्रीम लीडर जिंदा है। वे सुरक्षित जगह पर मौजूद हैं। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में कम से कम 201 लोगों की मौत हो चुकी है और 747 लोग घायल हुए हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इजराइली हमले मे ईरानी रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई। इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के 10 शहरों पर एयरस्ट्राइक की है। हमले के बाद ट्रम्प ने वीडियो जारी कर कहा कि ईरान पर यह हमला अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए किया गया है। जवाब में ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान और इजराइल के हमले की तस्वीरें… अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम 'लियोनस् रोर' (शेर की दहाड़) रखा है। ये हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में ईरान पर हमले की धमकी दी थी। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइलों को तबाह करने और उसके मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने की कोशिश कर रही है। ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद चल रहा था ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। इजराइल के ईरान पर हमले से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
    Click here to Read More
    Previous Article
    Oil Tankers Avoid Strait Of Hormuz After Naval Warnings Follow US Strikes
    Next Article
    Israel Targeted Top Iranian Leaders in Attack’s Opening Strikes

    Related दुनिया Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment