Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    जब होली बनी फिल्मों की कहानी का टर्निंग पॉइंट:‘सिलसिला’ में अमिताभ-रेखा के रिश्ते का सच सामने आया, ‘शोले’ में गब्बर ने किया हमला

    9 hours ago

    होली का त्योहार बॉलीवुड फिल्मों के गानों के बिना अधूरा है, क्योंकि त्योहार का जश्न इन्हीं गानों पर झूमकर मनाया जाता है। हालांकि, ये गाने और फिल्में सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहे हैं। बॉलीवुड की कई फिल्मों में होली के मौके पर कहानी में मोड़ और ट्विस्ट सामने आया है। ‘सिलसिला’ में ‘रंग बरसे’ के दौरान रिश्तों का सच सामने आता है। ‘शोले’ में होली के जश्न के बाद तुरंत हमला होता है। चलिए, ऐसी कुछ फिल्मों के बारे में जानते हैं... सिलसिला साल 1981 में आई फिल्म सिलसिला का गाना रंग बरसे आज भी होली पर सबसे ज्यादा बजने वाले गानों में से एक है। वहीं, फिल्म में गाना रंग बरसे कहानी में बड़ा मोड़ लाता है। इस गाने में अमित, यानी अमिताभ बच्चन, और चांदनी, यानी रेखा, होली के जश्न में भांग के नशे में होते हैं। नशे में वे अपनी पुरानी यादों और दबे जज्बातों में खो जाते हैं। दोनों सबके सामने खुलकर गाते और नाचते हैं। उनके बीच की नजदीकी साफ दिखने लगती है। अमित की पत्नी शोभा (जया बच्चन) और चांदनी के पति डॉ. आनंद (संजीव कुमार) यह सब देख रहे होते हैं। उनके चेहरे पर असहजता साफ नजर आती है। उन्हें दोनों के पुराने रिश्ते का एहसास हो जाता है। शोले 1975 की फिल्म शोले में होली का सीन कहानी में ट्विस्ट लाता है। गाने 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' के बाद पूरा रामगढ़ जश्न मना रहा होता है। तभी गब्बर सिंह के डकैत अचानक गांव पर हमला कर देते हैं। जय और वीरू बहादुरी से डकैतों से लड़ते हैं। एक समय वे घिर जाते हैं और ठाकुर से बंदूक फेंकने को कहते हैं। ठाकुर के पास बंदूक होती है, फिर भी वह कुछ नहीं करता। डकैत वहां से भाग निकलते हैं। इस बात से नाराज होकर जय और वीरू गांव छोड़ने का फैसला करते हैं। तभी ठाकुर अपनी शॉल हटाकर दिखाता है कि उसके हाथ नहीं हैं। वह बताता है कि गब्बर ने उसका परिवार मार दिया और उसके हाथ काट दिए। यह सच सुनकर जय और वीरू बदला लेने का फैसला पक्का कर लेते हैं। दामिनी फिल्म ‘दामिनी’ (1993) में होली का सीन कहानी का सबसे बड़ा मोड़ साबित होता है, जहां से फिल्म की कहानी एक पारिवारिक ड्रामे से बदलकर एक गंभीर लीगल थ्रिलर बन जाती है। होली के जश्न और गाने (‘गवाह है चाँद तारे’) के बीच दामिनी (मीनाक्षी शेषाद्री) अपने देवर राकेश और उसके दोस्तों को घर की नौकरानी उर्मी का बलात्कार करते हुए देख लेती है। दामिनी का पति शेखर (ऋषि कपूर) और उसके ससुराल वाले परिवार की ‘इज्जत’ बचाने के लिए उसे चुप रहने और पुलिस से झूठ बोलने के लिए मजबूर करते हैं। जब दामिनी सच बोलने का फैसला करती है, तो उसे मानसिक रूप से बीमार घोषित कर पागलखाने भेज दिया जाता है, ताकि उसकी गवाही को अमान्य किया जा सके। पागलखाने से भागने के बाद दामिनी की मुलाकात गोविंद (सनी देओल) से होती है, जो एक शराबी और असफल वकील है। यहीं से फिल्म का सबसे मशहूर हिस्सा शुरू होता है, जहाँ गोविंद दामिनी को इंसाफ दिलाने के लिए दिग्गज वकील इंद्रजीत चड्ढा (अमरीश पुरी) के खिलाफ कोर्ट में खड़ा होता है। जॉली एलएलबी 2 फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में होली का सीन कहानी का अहम मोड़ बनता है। गाने ‘गो पागल’ के बाद हिना (सयानी गुप्ता) को पता चलता है कि जॉली (अक्षय कुमार) ने उसके पति के फर्जी एनकाउंटर केस में मदद का वादा किया था, लेकिन सच में उससे दो लाख रुपये लेकर अपना चैंबर खरीदने की योजना बनाई। इस धोखे का अहसास हिना को तोड़ देता है। जश्न और रंगों के माहौल के तुरंत बाद हिना का आत्महत्या वाला सीन फिल्म की दिशा बदल देता है। यही घटना जॉली के भीतर गहरा अपराध बोध पैदा करती है। वह अपने लालच और स्वार्थ को छोड़कर सच में केस लड़ने का फैसला करता है। इसके बाद कहानी एक गंभीर कोर्टरूम ड्रामा बन जाती है, जहां जॉली सिस्टम के खिलाफ खड़ा होकर न्याय के लिए लड़ता है। पद्मावत फिल्म ‘पद्मावत’ में होली का सीन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि एक चाल है। अलाउद्दीन खिलजी छह महीने की घेराबंदी के बाद नई रणनीति बनाता है। वह सफेद झंडा भेजकर शांति का संदेश देता है। राजपूतों को लगता है कि अब सुलह होगी। किले के बाहर बैठा खिलजी अपने चेहरे पर केसरिया रंग लगाता है। राजपूतों के लिए यह वीरता का रंग है, लेकिन उसके लिए यह जुनून का प्रतीक है। होली के बहाने वह ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का फायदा उठाकर किले में प्रवेश कर जाता है। वह भरोसा जीतता है ताकि रानी पद्मावती को देख सके। बाद में इसी शांति वार्ता के दौरान वह रतन सिंह को छल से बंदी बना लेता है। …………………………… होली से जुड़ी ये खबर पढ़ें… हरिवंशराय बच्चन ने होली का गाना ‘रंग बरसे’ लिखा था: अमिताभ बच्चन ने गाया था, फिल्म ‘सिलसिला’ में रेखा के साथ फिल्माया गया फिल्मों और होली का रिश्ता 94 सालों पुराना है। 1932 में पहली बार फिल्म गुलरू जरीना में होली थीम का ब्लैक एंड व्हाइट गाना ‘होरी मुझे खेलने को टेसू मंगा दे..’ दिखाया गया। हालांकि, इसे पॉपुलैरिटी नहीं मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
    Click here to Read More
    Previous Article
    Aquarius Horoscope Today, March 04, 2026: News and proposals are abundant
    Next Article
    Gold retreats on strong dollar after four-day rally

    Related मनोरंजन Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment