Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस कुछ देर में, घर से निकले:शराब नीति से जुड़े CBI केस में बरी हुए; सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपी आरोपमुक्त

    9 hours ago

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में शुक्रवार सुबह केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने CBI को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि जांच एजेंसी की चार्जशीट में कई ऐसी खामियां हैं जिनका किसी गवाह या बयान से कोई लेना-देना नहीं है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि केजरीवाल को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया गया है। कोर्ट ने सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त करते हुए कहा कि CBI आरोप साबित करने में विफल रही है। हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी चीजें हैं जो किसी भी गवाह के बयान का समर्थन नहीं करती। जज ने कहा कि चार्जशीट में भ्रामक बयान हैं। फैसला आने पर केजरीवाल बोले- जिंदगीभर ईमानदारी कमाई बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने रोते हुए कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। इन्होंने झूठा केस लगाया। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा- हमें एक बार फिर गर्व हो रहा हैं अपने संविधान पर और बी.आर. अंबेडकर पर, जिन्होंने हमें ऐसा संविधान दिया। सच की फिर से जीत हुई है। CBI ने कहा- जांच के कई पहलुओं को नजरअंदाज किया गया वहीं CBI ने दिल्ली शराब नीति मामले में केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी किए जाने पर कहा- जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज किया गया या पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगे। 2022- शराब नीति केस में CBI-ED ने केस दर्ज किया था दिल्ली शराब नीति केस 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा घोटाले का नाम है। आरोप है कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार के दौरान नई शराब नीति में लाइसेंस देने और मार्जिन तय करने में अनियमितताएं हुईं, जिससे कुछ निजी कारोबारियों को फायदा पहुंचा। बाद में यह नीति वापस ले ली गई। CBI ने 17 अगस्त 2022 को केस दर्ज किया। उसी दिन तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास समेत कई ठिकानों पर छापे पड़े। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर सितंबर 2022 से पूछताछ और छापेमारी शुरू की। जांच एजेंसियों का आरोप है कि लाइसेंसिंग में ‘साउथ ग्रुप’ से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत ली गई। AAP इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताती रही है। CBI केस में आरोपियों को बरी किया गया है। ED मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। ED मामले में भी बरी हो सकते हैं केजरीवाल अगस्त 2022 में CBI की चार्जशीट के आधार पर ED ने भी इस मामले में केस दर्ज किया था। ED के मामले भी अभी सुनवाई जारी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि CBI मामले में केजरीवाल समेत अन्य लोगों के बरी होने के कारण ये सभी ED मामले में भी बरी हो सकते हैं। क्योंकि ED का मामला अब कमजोर पड़ गया है। कानूनी तौर पर आगे क्या कानूनी तौर पर ऐसे मामले में जांच एजेंसियां दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करती हैं। CBI अब राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील कर सकती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है।
    Click here to Read More
    Previous Article
    Signs of 'gradual progress' in Iran-US talks • FRANCE 24 English
    Next Article
    Gold price today: How much 24K, 22K gold costs in Delhi, Mumbai & more- check rates

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment