These terms and conditions apply to the News National app (hereby referred to as "Application") for mobile devices that was created by (hereby referred to as "Service Provider") as an Ad Supported service.
Upon downloading or utilizing the Application, you are automatically agreeing to the following terms. It is strongly advised that you thoroughly read and understand these terms prior to using the Application. Unauthorized copying or modification of the Application, any part of the Application, or our trademarks is strictly prohibited. Any attempts to extract the source code, translate the Application into other languages, or create derivative versions are not permitted. All intellectual property rights remain the property of the Service Provider.
The Service Provider is dedicated to ensuring the Application is as beneficial and efficient as possible. They reserve the right to modify the Application or charge for services at any time and for any reason. Any such charges will be clearly communicated.
The Application stores and processes personal data provided by you. You are responsible for maintaining the security of your device and access to the Application. Jailbreaking or rooting your device is strongly discouraged as it may compromise security and application performance.
Third-Party Services
The Application uses third-party services that have their own Terms and Conditions. Refer to the following links:
Google Play Services
AdMob
Google Analytics for Firebase
Firebase Crashlytics
Limitations and Responsibilities
Some Application functions require an internet connection (Wi-Fi or mobile data). The Service Provider is not responsible if the Application does not function fully due to lack of access or depleted data. If using the Application outside a Wi-Fi area, you accept responsibility for any charges incurred, including roaming fees. If you are not the bill payer, it is assumed you have obtained permission.
It is your responsibility to keep your device charged. The Service Provider is not responsible if the device is unavailable due to a drained battery.
While the Service Provider strives to keep the Application updated and accurate, they rely on third-party data and do not accept liability for losses caused by reliance on Application functionality.
Updates and Termination
The Application may be updated to remain compatible with the operating system. You agree to install updates as offered. The Service Provider may discontinue the Application at any time without notice. Upon termination:
Rights and licenses granted to you will end.
You must stop using the Application and delete it from your device.
Changes to These Terms and Conditions
The Service Provider may update these Terms and Conditions periodically. Please review this page regularly. Changes will be posted on this page.
Effective Date: 2025-07-23
Contact Us
If you have questions or suggestions about the Terms and Conditions, contact the Service Provider at: 📧 info@news-national.com
We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies,
Privacy Policy,
and
Terms of Service.
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे 2002 में 1993 सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो वहां मोनिका बेदी की भी गिरफ्तारी हुई। मोनिका बेदी पुर्तगाल में सना मलिक नाम से रह रही थीं। इस पहचान के लिए उन्होंने नकली पासपोर्ट बनवाए थे। गिरफ्तारी के बाद अबू सलेम और मोनिका बेदी को पुर्तगाल की एक ही जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया। दोनों के बीच अक्सर खतों के जरिए प्यार मोहब्बत की बातें होती थीं। दोनों जल्द ही जेल से निकलकर आम जिंदगी जीने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिर अचानक मोनिका बेदी ने उन्हें खत भेजना बंद कर दिया और उनसे रिश्ता खत्म कर लिया। जब दोनों को 1 साल बाद भारत डिपोर्ट किया गया तो चार्टर्ड प्लेन में मोनिका से नजरें तक नहीं मिलाईं। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- 11 नवंबर 2005 को मोनिका बेदी और अबू सलेम को भारत लाया गया। मोनिका बेदी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 419 (छल से प्रतिरूपण) और 420 (धोखाधड़ी) और पासपोर्ट अधिनियम, 1967, सेक्शन 12 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुर्तगाल में पहले ही सजा काट चुकीं मोनिका बेदी पर भारत में नया केस हुआ। 29 सितंबर 2006 में इंडियन कोर्ट पासपोर्ट एक्ट की धारा के अलावा अन्य धाराओं पर दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई। उन्हें हैदराबाद और भोपाल की जेल में रखा गया था। मोनिका बेदी ने कहा था, मुझे अबू सलेम से प्यार करने की कीमत चुकानी पड़ी फिल्मफेयर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा था, ‘पुर्तगाल की जेल में साफ कमरे और ठीक-ठाक बिस्तर थे, लेकिन यहां मुझे खुले टॉयलेट के सामने फर्श पर सोना पड़ा। मुझे जमानत नहीं मिली, जबकि हत्या के मामलों में आरोपी महिलाओं को मिल गई थी। मुझे अबू सलेम से प्यार करने की कीमत चुकानी पड़ी।' 'आखिरकार 2007 में मुझे जमानत मिल गई। 2010 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मेरी दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सजा को उतनी अवधि तक सीमित कर दिया, जितनी मैं पहले ही जेल में काट चुकी थी। लेकिन तब तक खुशी की अहमियत ही खत्म हो चुकी थी। सजा तो मैंने काट ही ली थी, क्या वे साल मुझे वापस मिल सकते हैं?’ अबू सलेम के दूसरे आरोपों में शामिल नहीं थीं मोनिका बेदी जांच एजेंसियों को शक था कि मोनिका बेदी अबू सलेम की अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी शामिल हो सकती हैं। क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘मेरे इन्फॉर्मर से मुझे ये जानकारी मिली कि जिस समय डायरेक्टर मुकेश दुग्गल की हत्या हुई, उस जगह मोनिका बेदी का मोबाइल फोन मिला था, जिसे हटवाने के लिए अबू सलेम ने 18 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। लेकिन जांच में ये कन्फर्म नहीं हुआ।’ मोनिका के खिलाफ पुलिस को फर्जी पासपोर्ट केस के अलावा कोई सबूत नहीं मिले, जिसके चलते उन पर सिर्फ एक केस ही चला। वाकई में मोनिका जिस समय अबू सलेम के साथ भारत से भागीं, तब वो नहीं जानती थीं कि अबू सलेम पर कई हत्याओं और 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट के भी आरोप हैं। शुरुआती समय में वो ये तक नहीं जानती थीं कि जिस शख्स से उनकी बातचीत होती है, वो इवेंट ऑर्गेनाइजर नहीं बल्कि अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम है। चार्जशीट देखकर मोनिका बेदी ने किया रिश्ता खत्म करने का फैसला जिस समय मोनिका बेदी को पुर्तगाल जेल में रखा गया था, तब उन्हें अबू सलेम की चार्जशीट दिखाई गई। चार्जशीट देखने के बाद मोनिका बेदी को एहसास हुआ कि जिस शख्स को वो बड़ा बिजनेसमैन समझती थीं, वो असल में एक अंडरवर्ल्ड डॉन है। यही वजह रही कि उन्होंने रिश्ता अचानक खत्म कर लिया। मोनिका के दूर जाने से नाखुश था अबू सलेम, रिश्ता बनाए रखना चाहता था भारत लाए जाने के बाद मोनिका बेदी और अबू सलेम को अलग-अलग जेल में रखा गया। इस समय अबू सलेम, मोनिका बेदी के लिए अक्सर हैदराबाद जेल में फूल और महंगे तोहफे भिजवाता था। वो बार-बार उनसे संपर्क करने की कोशिश करता था, लेकिन मोनिका ने अपने रास्ते अलग कर लिए थे। अबू सलेम ने दावा किया था कि वो और मोनिका बेदी साल 2000 में लॉस एंजिलिस की एक मस्जिद में निकाह कर चुके हैं और मोनिका उनकी कानूनी तौर पर पत्नी हैं। हालांकि मोनिका इन सभी दावों को खारिज करती रहीं। इस समय अबू सलेम के वकील अरविंद शुक्ला ने दावा किया कि उनके पास मोनिका और अबू सलेम का निकाहनामा भी है। जानिए कैसे हुई डॉन से मोनिका बेदी की पहली मुलाकात 18 जनवरी 1975 पंजाब के होशियारपुर जिले के चाबेवल गांव में मोनिका बेदी का जन्म हुआ। वो महज 1 साल की थीं, जब उनका परिवार नॉर्वे शिफ्ट हो गया। वहां पिता ने कपड़ों का बिजनेस शुरू किया था। मोनिका विदेश में रहीं और पढ़ाई भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। देखने में बेहद खूबसूरत मोनिका के लुक्स की तुलना टीनएज में मशहूर एक्ट्रेस सायरा बानो से होती थी। डांस में रुचि थी तो वो भी घंटों कमरे बंद कर गाने सुनकर थिरका करती थीं। भाई उन्हें कमरा साफ करने के बदले श्रीदेवी के डांस के वीसीडी दिलवाया करता था। मोनिका सालाना भारत आया करती थीं। साल 1995 में जब वो भारत आईं तो उन्होंने यहीं रहकर गोपी कृष्ण डांस क्लासेस जॉइन कर कथक सीखने का फैसला किया। वहीं उनकी एक रोज मनोज कुमार से मुलाकात हुई, जिन्होंने उनकी खूबसूरती देखकर उन्हें अपने बेटे कुणाल के साथ लॉन्च करने का ऑफर दिया। मोनिका ने एक्टिंग क्लासेस भी शुरू कर दीं, लेकिन मनोज कुमार की वो फिल्म बनी ही नहीं। इसी बीच उन्हें दूसरी फिल्में मिलने लगीं। उनकी पहली फिल्म साउथ की ताजमहल रही। जिसके बाद उन्होंने सैफ अली खान के साथ सुरक्षा, सलमान खान के साथ जानम समझा करो और संजय दत्त के साथ जोड़ी नंबर वन जैसी कई फिल्में कीं। फिर आया साल 1998… करियर बुलंदियों पर था। कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर उन्हें फिल्मों के ऑफर दे रहे थे। एक शाम उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने अपना नाम अर्सलान बताया था। उसने कहा कि वो दुबई का बड़ा बिजनेसमैन है। उनका दुबई में इवेंट है, जिसमें मोनिका को परफॉर्मेंस का ऑफर मिला। मोनिका दुबई गईं। उस शख्स से मिलीं और दोनों में अच्छी बातचीत हुई। जब वो भारत लौटीं, तब तक उनकी अर्सलान से दोस्ती गहरी हो चुकी थी। वो हर आधे घंटे में उन्हें कॉल करते और दोनों की लंबी-लंबी बातें होतीं। मोनिका भी उन्हें पसंद करने लगीं। अर्सलान से मिलने वो दो-तीन बार दुबई भी गई थीं। उन्होंने बताया कि उनके दुबई में कार के शोरूम हैं। वो उन्हें शोरूम दिखाने भी ले गए थे। ऐसी ही एक मुलाकात के दौरान अर्सलान ने मोनिका से कहा कि उनका असल नाम अर्सलान नहीं बल्कि अबू सलेम है। मोनिका को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा। अंडरवर्ल्ड कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल इस पर कहते हैं, ‘मोनिका के सामने एक ऐसी तस्वीर खींची गई कि अर्सलान बड़े-बड़े प्रोजेक्ट दिला सकता है। अबू सलेम ने मुकेश दुग्गल पर दबाव डालकर मोनिका को करीब आठ-नौ फिल्मों में काम तो दिलवाया, लेकिन टैलेंट की कमी और अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते इंडस्ट्री में डर फैलने लगा। धीरे-धीरे ये बात फैल गई कि मोनिका अंडरवर्ल्ड से जुड़ी हैं, और काम मिलना बंद हो गया।’ ‘जब मोनिका को पता चला कि दबाव डी-कंपनी से आ रहा है, तब तक मोनिका के लिए वापसी के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। इस बीच दोनों की मुलाकातें विदेशों में होने लगीं और काफी समय तक उन्हें यह भी पता नहीं था कि अरसलान असल में अबू सलेम है।’ जब उनसे पूछा गया कि मोनिका को अबू सलेम की सच्चाई कब पता चली और उसके बाद क्या हुआ? तो जवाब में विवेक अग्रवाल ने कहा, ‘जब मोनिका को अबू सलेम की असल पहचान का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों के बीच रिश्ता इस हद तक पहुंच चुका था कि शादी की बातें होने लगी थीं और अबू सलेम ये दावा करने लगा था कि वो सब कुछ छोड़ देगा। लेकिन अंडरवर्ल्ड एक अंधेरी गली है एक बार अंदर गए तो वापसी नहीं होती।’ अबू सलेम ने छिपाई मोनिका से कई राज
फिल्मफेयर को दिए गए एक पुराने इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा, ‘धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि वह कोई प्रभावशाली व्यक्ति है। उसके आसपास हमेशा गार्ड रहते थे। यह मुझे अजीब तो लगा, लेकिन उसने कभी अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर कुछ नहीं बताया। वह बहुत बंद स्वभाव का था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि वह शादीशुदा है और तलाक की प्रोसेस चल रही है।’ ‘फिर किसी कारण से उसे अमेरिका जाना पड़ा। वह चाहता था कि मैं तुरंत उसके साथ अमेरिका आ जाऊं। वहां पहुंचकर मुझे एहसास हुआ कि अब मैं वापस नहीं जा सकती। पुलिस को पता था कि अबू सलेम एक एक्ट्रेस के साथ जुड़ा हुआ है और वे मेरी पहचान जानते थे। अबू सलेम को डर था कि मुझ पर दबाव डालकर वे उस तक पहुंच जाएंगे। इसलिए उसने मुझे लौटने नहीं दिया।’ वो चिड़चिड़ा और गुस्सल था- मोनिका बेदी आगे मोनिका ने कहा था, ‘मैं अमेरिका में उसके साथ एक साल से ज्यादा रही। बीच-बीच में वह दुबई जाता था और मैं अपने माता-पिता से मिलने नॉर्वे चली जाती थी। लेकिन हमारे बीच मतभेद बढ़ने लगे। वह बुरा इंसान नहीं था, पर उसकी सोच अलग थी। वह हावी रहने वाला स्वभाव का था। उसने ताकत और लोगों को कंट्रोल करने वाली जिंदगी जी थी, इसलिए वह हर चीज अपने तरीके से चाहता था। दबावों के कारण उसका स्वभाव चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो गया था। मुझे समझ में आ गया कि हम साथ रहने के लिए नहीं बने थे। मैं अपने पेशे में वापस लौटना चाहती थी, लेकिन उसने इजाजत नहीं दी। उसे डर था कि मेरे जरिए उसका ठिकाना पता चल जाएगा।’ मोनिका बेदी ने कई बार की भागने की कोशिश उसी इंटरव्यू में मोनिका ने कहा, ‘ऐसा नहीं था कि उसने मुझे बंदूक की नोक पर बंधक बना रखा था, वह तो फिल्मों जैसी कहानी होती। लेकिन कई बार मैं उससे दूर भागकर कुछ दिनों के लिए होटल में रही, फिर वह मुझे वापस ले आता। कभी-कभी मैं खुद भी लौट जाती, क्योंकि वह फोन पर रोता और कहता, “मैं तुमसे प्यार करता हू, ऐसा मत करो।” वह कहता कि वह सब कुछ छोड़कर आम जिंदगी जीना चाहता है। मुझे लगा कि कम से कम हालात संभलने तक मुझे उसके साथ रहना चाहिए।’ ‘आप कह सकते हैं कि यह मजबूरी, डर और प्यार, सबका मिला-जुला असर था, जिसकी वजह से मैं उसके साथ रही। मैं उससे प्यार भी करती थी। और मुझे समझ नहीं आता था कि जाऊं तो जाऊं कहां। पैसों, डॉक्यूमेंट्स और पासपोर्ट की जरूरत होती है।’ मैंने उसके लिए खाना बनाया, कपड़े धोए- मोनिका बेदी मोनिका ने इंटरव्यू में कहा था, ‘लोगों को लगता था कि उसके पास बहुत पैसा है, इसलिए मैं राजकुमारी जैसी जिंदगी जी रही हूं। लेकिन उसके साथ मैंने सिर्फ मुश्किलें और संघर्ष ही देखे। हम लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे। मैं उसके लिए खाना बनाती, सफाई करती और कपड़े धोती थी। दरअसल, खाना बनाना भी मैंने उसी से सीखा।’ ‘अगर मैंने कभी अच्छी जिंदगी देखी, तो वह अपने माता-पिता के घर में या अपनी मेहनत की कमाई से ही देखी। लोग कहते थे, “वह उसके साथ पैसे के लिए है।” लेकिन पैसा कहां था? मुझे मुश्किलों से शिकायत नहीं थी, तकलीफ उसके एग्रेसिव और चिड़चिड़े बिहेवियर से थी। मैं अक्सर सोचती थी कि आखिर मैं इस सब में कैसे फंस गई।’ मोनिका बेदी ने ये भी कहा कि जब उनकी पुर्तगाल में गिरफ्तारी हुई, तो वो इससे बहुत खुश थीं, क्योंकि उन्हें आखिरकार भारत लौटने का एक रास्ता दिख रहा था। इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘मैंने उसे चिट्ठियों के जरिए साफ कह दिया कि मैं अब यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ा सकती। लेकिन उसे भरोसा था कि वह मुझे मना लेगा। उसने लिखा, “तुम मुझे इस मोड़ पर छोड़ नहीं सकती।” मैं यह नहीं कहूंगी कि वह मुझसे प्यार नहीं करता था, उसका प्यार सच्चा था, उसमें कोई चालाकी नहीं थी। लेकिन मेरे अंदर एक मजबूत इच्छाशक्ति आ गई थी। मैं निडर हो गई थी।’ ‘जब मैंने अपने माता-पिता को नॉर्वे से पुर्तगाल सिर्फ मुझसे मिलने के लिए आते देखा, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने उनके साथ क्या किया?’ कई बार घर से भगाई गईं मोनिका बेदी, मुंबई में नहीं मिला ठिकाना साल 2007 में मोनिका बेदी को फर्जी पासपोर्ट केस में जमानत मिली। जमानत के समय शर्त रखी गई कि उन्हें अपने परिवार के साथ पंजाब में रहना होगा। लेकिन मोनिका को कुछ समय में एहसास हो गया कि वो परिवार के लिए बोझ बन गई हैं। उन्होंने मुंबई जाकर कोर्ट से अपील की कि उन्हें मुंबई में रहने की इजाजत मिले, जिससे वो कमाई कर सकें। उन्हें परमिशन मिल गई, लेकिन तब उनके सारे दोस्तों ने हाथ पीछे खींच लिए। उन्होंने मुंबई में किराए पर घर भी ढूंढने की कोशिश की, लेकिन हर किसी ने नाम सुनकर घर देने से इनकार दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें मुंबई में रहने के लिए एक किराए का घर मिला। उन्होंने गद्दा, कुछ बर्तन और घर का सामान खरीदा। उन्हें लगा कि अब शायद जिंदगी पटरी पर आए, लेकिन कुछ हफ्तों बाद ही मकानमालिक ने उन्हें घर खाली करने के लिए बोल दिया। ऐसा कई बार हुआ। बिग बॉस 2 में देखकर भड़का अंडरवर्ल्ड डॉन साल 2008 में मोनिका बेदी को रियलिटी शो बिग बॉस 2 का ऑफर मिला। विवादित जिंदगी के बावजूद मोनिका बेदी का शो में बिहेवियर काफी पसंद किया गया। इस दौरान उनकी को-कंटेस्टेंट राहुल महाजन से बढ़ती नजदीकियां काफी सुर्खियों में रहीं। ये खबर जेल में बंद अबू सलेम तक भी पहुंचीं। इस समय उसने पेशी से निकलते हुए कहा, मोनिका बेदी मेरी पत्नी है। अगर उसे नई जिंदगी शुरू करना है, तो पहले मुझे तलाक देना होगा।
हालांकि मोनिका बार-बार शादी के दावे खारिज करती रहीं। मोनिका का बिग बॉस 2 में जाने से ठीक पहले इंटरव्यू कर चुकीं सीनियर रिपोर्टर जिग्ना वोरा कहती हैं, ‘मैंने चलती गाड़ी में बैठकर उनका इंटरव्यू किया था। जब मैंने उनसे और अबू सलेम के रिश्ते पर सवाल किया, तो वो इस बात से मुकर गईं। उन्होंने हर सवाल का जवाब ‘ना’ में दिया। वो डिनायल मोड में थीं अबू सलेम से अपने रिश्ते को लेकर। लेकिन आज भी कई ऐसे डॉक्युमेंट्स मौजूद हैं जो यह प्रूव करते हैं कि दोनों साथ थे और कैसे उन्होंने दुबई छोड़कर पुर्तगाल में साथ रहने का प्लान बनाया था।’ बिग बॉस 2 के बाद मोनिका बेदी झलक दिखला जा, राज पिछले जनम का, दिल जीतेंगी देसी गर्ल-1 जैसे कई रियलिटी शोज में नजर आईं। इसके बाद उन्हें संजयलीला भंसाली के प्रोडक्शन में बने टीवी शो सरस्वतीचंद में नेगेटिव रोल में कास्ट किया गया। वो टीवी शो बंधन में भी नजर आ चुकी हैं। टीवी शोज के अलावा वो कुछ पंजाबी, बंगाली और नेपाली फिल्मों का भी हिस्सा रहीं, लेकिन उन्हें अब तक कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं मिली।
अबू सलेम ने ट्रेन में जाते हुए अनजान महिला से की शादी मोनिका बेदी के अलावा अबू सलेम भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका है। साल 2014 में अबू सलेम को पासपोर्ट केस की सुनवाई के लिए ट्रेन से लखनऊ लाया गया था। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही उसने मुंब्रा की एक लड़की से ट्रेन में बातचीत की और कुछ घंटों की मुलाकात के बाद वहीं निकाह कर लिया। काजी ने फोन में ही निकाह पढ़वाया था। इसके बाद साल 2018 में अबू सलेम ने तीसरी शादी करने के लिए पेरोल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। बता दें कि इससे पहले अबू सलेम ने 1991 में समायरा जुमानी से पहली शादी की थी। अबू सलेम फिलहाल नासिक की सेंट्रल जेल में है, उसे की हत्याओं के मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है। हालांकि उसे फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। दरअसल, जिस समय उसे पुर्तगाल से भारत डिपोर्ट किया गया था, तब पुर्तगाल सरकार ने शर्त रखी थी कि पुर्तगाल के कानून के मद्देनजर उसे फांसी न दी जाए, क्योंकि उसे डिपोर्ट किया गया है। आखिर में क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘मोनिका बेदी और अबू सलेम की मोहब्बत की दास्तान बड़ी बन गई। क्योंकि वो मोनिका बेदी थी और वो अबू सलेम था। हाजी मस्तान और सोना की कहानी आज भी क्यों कही जाती है? क्योंकि उसमें ग्लैमर जुड़ा हुआ है। दाऊद इब्राहिम की जिंदगी में महजबीन जैसी पत्नी होने के बावजूद उसकी मोहब्बत की कहानियां मंदाकिनी के साथ क्यों कही जाती हैं?’ ‘मंदाकिनी हजार बार इनकार कर चुकी हैं, लेकिन उनके इनकार से क्या फर्क पड़ता है? विक्की गोस्वामी और ममता कुलकर्णी की कहानी भी इसलिए बड़ी बनी, क्योंकि ममता एक सेलिब्रिटी थीं। एक तरफ अगर कोई सेलिब्रिटी हो, तो कहानी अपने आप सबकी निगाहों का मरकज बन जाती है। मोनिका और अबू सलेम के साथ भी यही हुआ।’ आज भी सिंगल है मोनिका बेदी हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा कि पिछले बुरे अनुभव के बाद से ही उन्हें रिश्ते और प्यार से डर लगने लगा है। यही वजह है कि वो आज भी सिंगल हैं। उन्होंने कहा कि वो हमेशा अकेली ही रहना चाहती हैं।
…………………………………………… पार्ट-1, डिजाइनर कपड़ों में गिरफ्तार हुईं मोनिका बेदी:पुर्तगाल जेल में अबू सलेम को लिखे लव लेटर, चार्टर्ड प्लेन में नहीं मिलाई नजरें तारीख- 18 सितंबर 2002 जगह- लिस्बन पुर्तगाल भारत के समयानुसार करीब 8 बज रहे थे। लिस्बन की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक टेजो नदी का किनारा आमतौर पर सैलानियों से भरा होता था, नजारे किसी रोमांटिक फिल्म की तरह होते थे, लेकिन उस शाम ये नजारे थे एक क्राइम थ्रिलर फिल्म के। नदी किनारे एक लग्जरी एसयूवी कार सामान्य स्पीड में चल रही थी कि अचानक ही उस कार के पीछे पुर्तगाल पुलिस की गाड़ियों का काफिला चलने लगा। कार सवार शख्स को एहसास हुआ कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, तभी उसने एक्सेलेटर पर पैर मारा और रफ्तार बढ़ा दी। पूरी कहानी पढ़िए… (नोट- ये खबर मोनिका बेदी का केस और अंडरवर्ल्ड की स्टोरी कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल और क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।)
लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ………………………. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस में इतना ही, अगले हफ्ते केस-8 में पढ़िए बॉलीवुड एक्टर कमल सदाना के फैमिली हत्याकांड की कहानी। जब उनके पिता ने उनके 20वें जन्मदिन के मौके पर पूरे परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी। सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। एक्टर कमल सदाना के बर्थडे के दिन पिता ने किए नशे; कुछ देर में फर्श में खून से लथपथ मिलीं मां-बहन, फिर एक्टर पर भी चलाई गई गोली तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई का बंगला शाम का वक्त था। ‘बेखुदी’ और ‘रंग’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में नजर आ चुके कमल सदाना का 20वां बर्थडे था। घर का माहौल खुशनुमा था, जो जल्द ही मातम और भयावह मंजर में तब्दील होने वाला था। कमल की मां ने उनके दोस्तों के लिए पार्टी रखी थी। पार्टी की तैयारियां जोरों पर थीं, बहन नम्रता भी हेडफोन लगाए एक कोना पकड़कर बैठी थी। दोस्त हरि पहले ही घर आ चुका था। दीवारें रंगीन गुब्बारे और रंग-बिरंगी लाइट्स से सजी हुई थीं। लिविंग रूम के सेंटर टेबल को कमल का पसंदीदा केक रखने के लिए खाली रखा गया था, जहां चंद घंटों में 3 लाशें बिछ गईं। पूरी कहानी पढ़िए अगले हफ्ते बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-8 में। ……………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए…
…………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए…
……………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…
Capricorn Horoscope Today, March 04, 2026: Minor work hurdles and potential relationship disagreements expected
Next Article
इजराइल-ईरान जंग, पाकिस्तान में 34 प्रदर्शनकारियों की मौत:4 दिन में भारतीय एयरलाइंस ने 1117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द कीं; होर्मुज रूट बंद 37 भारतीय जहाज फंसे
Related
मनोरंजन
Updates:
Are you sure?You want to delete this comment..!RemoveCancel