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    पानीपत में मजदूरों ने पुलिस पर पथराव किया:फोर्स ने लाठीचार्ज कर खदेड़े, एक व्यक्ति का हाथ टूटा; रिफाइनरी रोड जाम करके बैठे थे

    10 hours ago

    पानीपत में रिफाइनरी में काम करने वाले मजूदरों ने बुधवार को फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। मजदूरों ने सुबह रोड पर जाम लगाया था। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और भीड़ भड़क गई। पुलिस फोर्स ने भी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक व्यक्ति का हाथ भी टूट गया। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने व्रज वाहन तैनात किए हैं। एक तरफ मजदूरों की भीड़ खड़ी है, जबकि दूसरी तरफ पुलिस फोर्स खड़ी है। अधिकारी मजदूरों को काम पर लौटने की अपील कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी 8 घंटे की ड्यूटी समेत अन्य मांगें मान ली थीं। अब उनकी मांग है कि इन मांगों को पूरी रिफाइनरी में बोर्ड पर लिखवाया जाए। साथ ही, जो ठेकेदार इसका पालन न करे, उसके खिलाफ FIR दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। 23 फरवरी को मजदूरों ने रिफाइनरी में सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया था। साथ ही गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की थी। माहौल शांत करने के लिए CISF ने 2 हवाई फायर भी किए थे। रिफाइनरी में हंगामे की तस्वीरें… व्यक्ति बोला- पुलिसवालों ने दौड़ाकर पीटा धमेंद्र नाम के व्यक्ति ने बताया कि मैं सिर्फ वहां खड़ा होकर देख रहा था। तभी अचानक हाथों में डंडे लेकर पुलिस कर्मचारी आए और पीटने लगे। डंडा लगने की वजह से मेरा हाथ टूट गया है। पुलिस कर्मचारी लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट रहे थे। रिफाइनरी में काम कर रहे मजदूरों मुख्य मांगें….. 8 घंटे ड्यूटी टाइम हो मजदूरों ने कहा कि उनकी ड्यूटी टाइम भी निर्धारित होनी चाहिए। कहने को 8 घंटे की ड्यूटी टाइम है, लेकिन उनसे 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है। इससे ज्यादा काम करवाने पर उन्हें ओवर ड्यूटी करने की सैलरी दी जानी चाहिए। शौचालय की व्यवस्था नहीं कर्मचारियों ने कहा कि वे गेट नंबर 4 पर काम करते हैं। यहां से भीतर साइट तक जाने के लिए न ही कोई साधन की व्यवस्था है। भीतर कोई शौचालय भी नहीं है। पैदल ही शौचालय के लिए दूर-दूर तक आना जाना पड़ता है। कैंटीन नहीं, खाने का समय तय नहीं मजदूरों ने कहा कि उनकी साइट के पास खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कैंटीन तक नहीं है। उन्हें खाना खाने के लिए कई मीटर दूर तक पैदल जाना पड़ता है। इस दौरान उनके लंच का समय कटता रहता है। समय पर दोबारा साइट पर न पहुंचने पर फटकार लगाई जाती है। वेतन कटौती का हिसाब नहीं उन्होंने बताया कि जब-जब उनकी सैलरी आती है तो वो बेहिसाब कटौती के साथ मिलती है। PF और ESI के नाम पर उनकी सैलरी ज्यादा काटी जाती है। हिसाब मांगने पर उन्हें इस तरह की बात बताई जाती है कि वे समझ ही नहीं पाते। पूरा वेतना दिया जाए। ठेकेदार-सुरक्षाबलों का व्यवहार सही नहीं मजदूरों का कहना है कि उनके साथ ठेकेदार और मौके पर सुरक्षा में तैनात CISF के अधिकारी ठीक से व्यवहार नहीं करते। वे गेट पास के नाम पर उनके साथ बहुत दुर्व्यहार करते हैं। गाली-गलौज तक कर देते हैं। कई बार विरोध करने पर उन्हें काम से भी निकालने की बात कही जाती है। प्रदर्शन से जुड़े पल-पल के अपडेट जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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