Search

    Language Settings
    Select Website Language

    PM की मिमिक्री करने वाले टीचर के सस्पेंशन पर रोक:हाईकोर्ट ने कहा- दबाव में कार्रवाई न करें अधिकारी; भाजपा विधायक ने की थी शिकायत

    10 hours ago

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री वाले वीडियो पर सस्पेंड किए गए शिक्षक को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ से राहत मिली है। कोर्ट ने कहा कि सस्पेंशन का अधिकार होना पर्याप्त नहीं, उसका इस्तेमाल विवेकपूर्ण और ठोस आधार पर होना चाहिए। अदालत ने निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए मामले को दोबारा विचार के लिए संबंधित अधिकारी के पास भेज दिया। मामला शिवपुरी जिले के प्राथमिक शिक्षक साकेत कुमार पुरोहित का है, जिन्हें 13 मार्च 2026 को फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करने के बाद निलंबित किया गया था। वीडियो में उन्होंने गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री की मिमिक्री की थी। याचिकाकर्ता ने कहा- वीडियो आपत्तिजनक नहीं पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की शिकायत के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर बीईओ कार्यालय बदरवास से अटैच कर दिया। याचिका में शिक्षक की ओर से कहा गया कि वीडियो में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था और बिना स्वतंत्र जांच के जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। टीचर ने VIDEO में क्या कहा था मिमिक्री करते हुए शिक्षक ने प्रधानमंत्री के अंदाज में कहा— “मेरे प्यारे भाइयों-बहनों… गैस के दाम कम हुए? नहीं हुए… बढ़े? बढ़ गए। भाइयों-बहनों, गैस की रोटी खाने से पेट में भी गैस बनती है। अगर पेट में गैस बनेगी तो आप बीमार पड़ जाएंगे, और अगर आप बीमार पड़ेंगे तो देश भी बीमार पड़ जाएगा…” “इसलिए गैस के दाम बढ़ने से अब आम आदमी भी चूल्हे की रोटी खाएगा और अमीर भी… और अमीर-गरीब के बीच की खाई कम हो जाएगी, भाइयों-बहनों…” सरकार की कोर्ट में दलील- निलंबन सजा नहीं सुनवाई के दौरान शासन ने दलील दी कि निलंबन सजा नहीं, बल्कि जांच को निष्पक्ष रखने के लिए एक अंतरिम कदम है। हालांकि, न्यायमूर्ति आशीष श्रोती की एकल पीठ ने टिप्पणी की कि सस्पेंशन का इस्तेमाल सोच-समझकर होना चाहिए, केवल अधिकार होना पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा- नए सिरे से निर्णय लिया जाए अदालत ने यह भी माना कि शिकायत के तुरंत बाद की गई कार्रवाई से अधिकारी की स्वतंत्र सोच पर सवाल उठते हैं और 2005 के शासन निर्देशों का भी पालन नहीं हुआ। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए उस पर रोक लगा दी और निर्देश दिए कि सभी तथ्यों और नियमों को ध्यान में रखकर नए सिरे से निर्णय लिया जाए। यह खबर भी पढ़ें TI ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, कहा- सच लिखा इसलिए सस्पेंड किया गया महू के मानपुर में आईएएस वंदना वैद्य के फार्महाउस पर जुआ पकड़े जाने के मामले में सस्पेंड किए गए टीआई लोकेंद्र सिंह हिहोरे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें सिर्फ इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि उन्होंने एफआईआर में सही जगह और सही नाम लिखने से इनकार नहीं किया। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read More
    Previous Article
    बंगाल- चुनाव ड्यूटी ट्रेनिंग में CM ममता का विज्ञापन दिखाया:विरोध करने पर पोलिंग अधिकारी से मारपीट; असम में 67 कैंडिडेट ने नाम वापस लिया
    Next Article
    Miss Grand Thailand Contestant's Teeth Fall Out On Stage, Video Goes Viral

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment