Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी:बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा

    9 hours ago

    राजस्थान के बॉर्डर इलाके में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर बमबारी होगी। दुश्मनों के ठिकानों को चुन-चुनकर नेस्तनाबूद किया जाएगा। आसमान में पहली बार बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा। रिमोट से चलने वाला यह एयरक्राफ्ट पलक झपकते ही टारगेट का खात्मा करता है। इसके अलावा 277 अत्याधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। जैसलमेर के पोकरण में 27 फरवरी को एयरफोर्स अपनी ताकत दिखाएगी। 2 साल में एक बार होने वाले इस युद्धाभ्यास का नाम ‘वायु शक्ति-2026’ रखा गया है। इस दौरान दुश्मन के ठिकानों का पता लगाना और आर्मी की मदद करते हुए हवाई हमले और बमबारी की प्रैक्टिस की जाएगी। सेना के इस खास युद्धाभ्यास को देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के आने की संभावना है। वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया- इस साल होने वाले अभ्यास में फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। अभ्यास का उद्देश्य वायुसेना की मारक क्षमता, तकनीक और स्वदेशी हथियारों की भूमिका को दिखाना है। यह युद्धाभ्यास केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का प्रयास है कि भारतीय वायुसेना दुश्मन के घर में घुसकर हमला करने और उसे नेस्तनाबूद करने की पूरी क्षमता रखती है। इस अभ्यास में 12 हजार किलो ग्राम बारूद बरसेगा और एयरफोर्स के 277 अत्याधुनिक हथियार देखने को मिलेंगे। इस बार 150 किलो का RPA यानी रिमोटली पायलट एयरक्राफ्ट भी पहली कमाल दिखाएगा। ये हवा में किसी बाज की तरह कई घंटों तक मंडराता रहता है और टारगेट मिलते ही मिसाइल बनकर उससे टकरा जाता है। थीम- ऑपरेशन सिंदूर सेना के अधिकारी नागेश कपूर ने बताया- इस पूरे आयोजन की प्रेरणा 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता से मिली है। उन्होंने कहा कि जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय एयरफोर्स ने हवाई क्षेत्र में अपना दबदबा कायम किया था और लंबी दूरी की सटीक टारगेटिंग से दुश्मन को धूल चटा दी थी। उसी 'मल्टी-डोमेन' ऑपरेशन का जीवंत प्रदर्शन 27 फरवरी को पोकरण की फायरिंग रेंज में किया जाएगा। वायुसेना इस बार यह दिखाएगी कि कैसे स्वदेशी और आधुनिक प्लेटफॉर्म्स का तालमेल युद्ध के मैदान में निर्णायक असर डाल सकता है। 12 हजार किलो बारूद से थर्राएंगे बॉर्डर के इलाके नागेश कपूर कहते हैं- इस अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद का उपयोग किया जाएगा। अभ्यास के दौरान गोलाबारी के लिए वायुसेना के 77 फाइटर जेट्स और 43 हेलिकॉप्टर्स को तैनात किया गया है। यह संख्या यह दर्शाती है कि भारतीय वायुसेना एक साथ कई मोर्चों पर भारी हमला करने की तैयारी में है। पहली बार दिखेगा मानवरहित एयरक्राफ्ट सेना के अधिकारी ने बताया- इस बार रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) यानी मानवरहित विमानों को पहली बार सार्वजनिक रूप से इतने बड़े स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। भविष्य के युद्धों में ड्रोन और RPA की भूमिका अहम होगी। इसलिए, 'वायु शक्ति-2026' में शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) जैसे एडवांस वेपन सिस्टम का जलवा दिखेगा। ये दिन, शाम और रात हर समय मिशन को अंजाम देने में सक्षम हैं। हम सिर्फ हमला करना नहीं सीख रहे, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में एयरलिफ्ट, आपदा प्रबंधन (HADR) और बचाव कार्यों में एयरफोर्स की भूमिका को मजबूत कर रहे हैं। युद्ध की स्थिति में सेनाओं को जल्द से जल्द मदद पहुंचाने और मुश्किल क्षेत्रों में एयर ऑपरेशंस को रणनीतिक नतीजों में बदलने की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। ---------------------------------------------- राजस्थान में सेना के युद्धाभ्यास से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…
    Click here to Read More
    Previous Article
    Harper Beckham's Valentine’s Day message to her 3 brothers
    Next Article
    Game Of Kims: A Dictator's 13-Year-Old Daughter vs Her Ruthless Aunt

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment