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    रणवीर सिंह पहुंचे कर्नाटक हाई कोर्ट:'कंतारा विवाद' को लेकर प्राइवेट कंप्लेंट और दर्ज FIR रद्द करने की मांग की

    15 hours ago

    बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ बेंगलुरु में फाइल की गई प्राइवेट कंप्लेंट और FIR को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 से जुड़ी टिप्पणी से संबंधित है। यह पिटीशन कर्नाटक हाई कोर्ट में फाइल की गई। इसमें शहर की मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित कंप्लेंट को चुनौती दी गई है और हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR पर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में पुलिस और शिकायतकर्ता एडवोकेट प्रशांत मेथल को केस में रेस्पॉन्डेंट बनाया गया है। रणवीर की लीगल टीम कोर्ट में पेश हुई रणवीर सिंह की लीगल टीम सोमवार को कोर्ट में पेश हुई। सुनवाई जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच के सामने हुई। वकील ने अर्जेंट हियरिंग की मांग की। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह ने फिल्म और एक्टर की तारीफ की थी और बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था। कोर्ट ने अर्जेंट सुनवाई पर सवाल उठाया। बेंच ने पूछा कि जल्दी सुनवाई क्यों हो? क्या इसलिए कि पिटीशनर एक बॉलीवुड एक्टर है? कोर्ट ने कहा कि अर्जेंट सुनवाई के लिए ठोस वजहें बताई जानी चाहिए। एक्टर के वकील ने कोर्ट में बताया कि FIR के बाद पुलिस ने दो नोटिस जारी किए हैं। इसी वजह से तुरंत सुनवाई जरूरी है। दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका पर मंगलवार को सुनवाई तय की। बता दें कि विवाद की शुरुआत पिछले साल गोवा में हुई। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के क्लोजिंग सेरेमनी में रणवीर सिंह मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कंतारा सीरीज में ऋषभ शेट्टी की एक्टिंग की तारीफ की। इवेंट में उन्होंने कहा था कि उन्होंने फिल्म थिएटर में देखी। ऋषभ की परफॉर्मेंस शानदार थी, खासकर वह सीन जब एक महिला आत्मा शरीर में प्रवेश करती है। शिकायतकर्ता प्रशांत मेथल ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक थी। उनके अनुसार, बयान में देवी चामुंडी को ‘फीमेल घोस्ट’ कहा गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मेथल ने पहले 3 दिसंबर 2025 को हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उस समय FIR दर्ज नहीं हुई। बाद में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और पुलिस कमिश्नर को भी आवेदन दिया। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने सेक्शन 223 के तहत प्राइवेट कंप्लेंट दायर की। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299 और 302 का उल्लेख किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह कॉग्निजेबल और पनिशेबल ऑफेंस है। इसमें तीन साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। वहीं, 28 जनवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने BNS के सेक्शन 175(3) के तहत निर्देश जारी किया। इसके अनुसार, पुलिस को जांच शुरू करने से पहले FIR दर्ज करना जरूरी है। कोर्ट के आदेश के बाद हाई ग्राउंड्स पुलिस ने FIR दर्ज की और रणवीर सिंह को नोटिस भेजा गया। वहीं, विवाद के बाद रणवीर सिंह ने मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। रणवीर ने माफीनामा जारी कर आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा था- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।
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