Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 92.05 पर आया:इजराइल-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का असर, विदेशी सामान महंगे होंगे

    12 hours ago

    मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के बढ़ते दाम के कारण भारतीय रुपया आज 4 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले जनवरी में रुपया 91.98 के निचले स्तर पर गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इस साल रुपए में अब तक 2% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इससे चलते यह 2026 में दुनिया के इमर्जिंग मार्केट्स की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक बन गई है। रुपए के गिरने की 3 बड़ी वजह पिछले महीने मिली राहत शॉर्ट-टर्म में खत्म पिछले महीने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के बाद लगा था कि रुपए की स्थिति सुधरेगी। उस समय विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाना शुरू किया था और रुपए ने थोड़ी रिकवरी भी की, लेकिन मिडिल-ईस्ट में जैसे-जैसे लड़ाई बढ़ी, राहत कुछ दिन में ही खत्म हो गई। आम आदमी पर क्या असर होगा? एक्सपर्ट्स: इजराइल-ईरान युद्ध पर निर्भर रुपए की चाल रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपए की चाल पूरी तरह से इजराइल-ईरान युद्ध की स्थिति और ग्लोबल ऑइल मार्केट पर निर्भर करेगी। जब तक तनाव कम नहीं होता, तब तक रुपए में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपए को और ज्यादा गिरने से बचाने के लिए बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर की तुलना में किसी भी अन्य करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना, टूटना, कमजोर होना कहते हैं। अंग्रेजी में करेंसी डेप्रिसिएशन कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे वह इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन करता है। फॉरेन रिजर्व के घटने और बढ़ने का असर करेंसी की कीमत पर दिखता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर, अमेरिका के रुपए के भंडार के बराबर होगा तो रुपए की कीमत स्थिर रहेगी। हमारे पास डॉलर घटे तो रुपया कमजोर होगा, बढ़े तो रुपया मजबूत होगा।
    Click here to Read More
    Previous Article
    NYT Connections Answers (March 4): Puzzle #996 Too Hard For You? Check Hints, & Solution
    Next Article
    SEC Actions Against Accounting And Auditing Firms And PCAOB Enforcement Activity Fall To Multiyear Lows In 2025

    Related व्यापार Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment