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    राष्ट्रपति ने अयोध्या के बाद मथुरा पहुंचीं:राष्ट्रपति मुर्मू ने इस्कॉन संस्थापक प्रभुपाद की समाधि पर किए दर्शन, बारिश के बीच कार्यक्रम

    2 days ago

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या के बाद मथुरा पहुंच गईं हैं। वह वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद की समाधि के दर्शन कर रहीं हैं। यहां बारिश भी हो रही है। इससे पहले उन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा। सीएम योगी ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने कहा- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना ही मेरे लिए सौभाग्य की बात है। राष्ट्रपति करीब साढ़े 10 बजे दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम ने उनका स्वागत किया। वहीं, सीएम योगी ने कहा- दुनिया के तमाम देशों में उथल-पुथल मची हुई है। युद्ध चल रहा है। जबकि भारत में शांति है। ये नया और बदलता हुआ भारत है। सपा पर निशाना साधते हुए कहा- आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया जाता था। अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो यूपी और देश की सत्ता में रहते थे। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा वृंदावन की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई, 2024 को अयोध्या आई थीं। राष्ट्रपति अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने के बाद दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना हो गईं। जहां वह इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। शुक्रवार यानी 20 मार्च को प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे की तस्वीरें देखिए… अब राम यंत्र के बारे में जानिए राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने बताया- राम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया गया है। इसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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