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    सोनीपत में रेलवे ट्रैक किनारे मिली इंटरनेशनल एथलीट की डेडबॉडी:कल ही खेलो इंडिया प्रतियोगिता में जीते थे 3 मेडल, शताब्दी एक्सप्रेस से भिवानी लौट रहे थे

    21 hours ago

    हरियाणा के भिवानी जिले के 70 वर्षीय इंटरनेशनल एथलीट फूल कुंवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सोमवार को सोनीपत के राठधाना और नरेला स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला। शरीर पर चोटों के कई गहरे निशान थे। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सूचना मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार ने बताया कि फूल कुंवार ने कल ही चंडीगढ़ में हुई खेलो इंडिया प्रतियोगिता में विभिन्न इवेंट्स में 3 मेडल जीते थे। इसके बाद वे कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से लौट रहे थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। उनका सामान गायब है, ऐसे में परिवार को शक है कि यह हादसा नहीं है। उधर, परिवार के बयान के आधार पर सोनीपत जीआरपी ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कैसे हुआ हादसा, सिलसिलेवार ढंग से जानिए… फूल कुंवार का एथलेटिक्स में रहा चमकदार करियर…. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते परिवार के मुताबिक, फूल कुंवार का खेल जीवन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 1978 से 1986 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते। शॉट पुट, बांस कूद (पोल वॉल्ट) और हैमर थ्रो उनके मुख्य इवेंट रहे। 1982 में उन्होंने बांस कूद में नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। जर्मनी, मलेशिया, चीन और जापान जैसे देशों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल किए। खेल कोट से पुलिस और रेलवे में नौकरी की खेल के साथ-साथ फूल कुंवार ने सरकारी सेवाओं में भी अपनी पहचान बनाई। 1978 में वे हरियाणा पुलिस में सीधे एएसआई के पद पर भर्ती हुए और करीब 7 वर्षों तक सेवा दी। इसके बाद 1982 में वे रेलवे दिल्ली में चीफ टिकट इंस्पेक्टर बने और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। उनकी नौकरी भी खेल कोटे के आधार पर लगी थी। 70 की उम्र में भी फिटनेस का जुनून फूल कुंवार ने रिटायरमेंट के बाद भी खेल को कभी नहीं छोड़ा। वे मास्टर एथलेटिक्स कैटेगरी में लगातार हिस्सा लेते रहे। 70 साल की उम्र में भी वे रोज सुबह और शाम दो-दो घंटे प्रैक्टिस करते थे। इतना ही नहीं, वे युवा खिलाड़ियों को भी मैदान में टिप्स देते और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उनकी फिटनेस और ऊर्जा को देखकर हर कोई हैरान रह जाता था। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ परिवार के मुताबिक, फूल कुंवार की मौत से परिवार में शोक छाया है। वे अपने पीछे पत्नी और एक शादीशुदा बेटी को छोड़ गए हैं। तीन मेडल जीतकर लौटने की खुशी का इंतजार कर रहा परिवार अब गहरे सदमे में है। घर में जश्न की जगह मातम पसरा हुआ है।
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