Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    शेयर बाजार में आ सकती है सबसे बड़ी गिरावट:रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चेताया; चांदी जरूर खरीदें, भले एक वक्त का खाना न खाएं

    9 hours ago

    मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कियोसाकी ने कहा है कि शेयर बाजार में इतिहास का सबसे बड़ी गिरावट अब आने ही वाली है। वैसे उन्होंने 2013 में आई अपनी किताब ‘रिच डैड्स प्रोफेसी’ में ही इस बड़े संकट का जिक्र कर दिया था। कियोसाकी का मानना है कि 2008 के वित्तीय संकट के मूल कारण आज भी जड़ें जमाए हुए हैं। दुनिया में बढ़ता कर्ज और फाइनेंशियल सिस्टम की कमजोरियां नए संकट की आशंका बढ़ा रही हैं। कियोसाकी के मुताबिक, ब्लैकरॉक का प्राइवेट क्रेडिट मॉडल संकट की वजह बन सकता है। यदि यह होता है, तो पूरी दुनिया में ‘बेबी बूमर्स’ (62-80 के बुजुर्ग) की रिटायरमेंट बचत पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब ऐसे कर्ज के बोझ तले दबी है, जिसे चुकाना नामुमकिन है। मौजूदा भू-राजनैतिक तनाव के बीच कियोसाकी ने आम निवेशकों को एक सख्त और व्यावहारिक सलाह दी है। उनका कहना है कि वित्तीय शिक्षा की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है। यदि आपके पास निवेश के लिए 10 डॉलर (करीब 900 रुपए) की अतिरिक्त राशि भी नहीं है, तो एक दिन का खाना छोड़ दें, लेकिन निवेश करना न छोड़ें। यह छोटी राशि भी चांदी खरीदने में लगाएं। यह न केवल धन संचय का सुरक्षित माध्यम है, बल्कि डीलर से बाजार की व्यावहारिक समझ पाने का भी अच्छा जरिया है। कियोसाकी के अनुसार, डीलर के साथ लंबे समय तक जुड़ने से निवेशकों को भविष्य के वित्तीय जोखिम समझने में बहुत मदद मिलती है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच मंगलवार को घरेलू सराफा बाजार में चांदी में तेजी रही। आईबीजेए के मुताबिक, मंगलवार को चांदी 10,888 रुपए महंगी हुई और औसत कीमत 4.2% बढ़कर 2,70,944 रुपए किलो हो गई। 29 जनवरी को चांदी 3,79,988 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर थी। इस साल मंगलवार तक चांदी 40,524 रुपए (17.6%) चढ़ चुकी है। यानी निवेश बढ़ रहा है। बीते साल 31 दिसंबर को चांदी 2,30,420 रुपए प्रति किलो थी। रणनीति: जैसे-जैसे करेंसी का अवमूल्यन होगा, सोने-चांदी के दाम बढ़ते जाएंगे रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात में पारंपरिक वित्तीय साधनों के मुकाबले सोने-चांदी जैसे फिजिकल एसेट्स कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं। वे लगातार सोना, चांदी, बिटकॉइन, इथेरियम और कच्चे तेल के कुओं में हिस्सेदारी खरीदने की सलाह दे रहे हैं। उनके अनुसार, जैसे-जैसे करेंसी का अवमूल्यन होगा और महंगाई बढ़ेगी, इन फिजिकल एसेट्स की कीमतें आसमान छुएंगी। वे चांदी को औद्योगिक इस्तेमाल और महंगाई के खिलाफ सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर शुरुआती विकल्प मानते हैं। कियोसाकी का मानना है कि आम आदमी को छोटी-छोटी बचत कर ऐसी संपत्तियां अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना शुरू करना चाहिए।
    Click here to Read More
    Previous Article
    इंपैक्ट फीचर:इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026- AI एनालिसिस कर सकता है, तो अब कंपनियों में MBAs को क्यों हायर किया जा रहा है?
    Next Article
    Thai Cargo Ship Sailing To India Attacked In Strait Of Hormuz Amid Iran War

    Related व्यापार Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment