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    देहरादून के होटल-रेस्टोरेंट में मेन्यू लिमिटेड:कमर्शियल गैस संकट से दो दिन का ही स्टॉक; जरूरत पड़ी तो लकड़ी देगी सरकार

    11 hours ago

    देहरादून के होटल-रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस संकट के कारण मेन्यू लिमिटेड हो गए हैं। कई जगह सिर्फ दो दिन का गैस स्टॉक बचा है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। सरकार ने भी वैकल्पिक तैयारी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जलाने के लिए लकड़ी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि रसोई संचालन पूरी तरह बंद न हो। ईरान-इजराइल युद्ध के बीच देहरादून में 3 मार्च से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद है। दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के माथे पर चिंता साफ दिखी। बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में बचे सिलेंडर भी केवल एक-दो दिन के बताए जा रहे हैं। ऐसे में शादी-समारोह जैसे बड़े आयोजन प्रभावित होने की आशंका है। कई रेस्टोरेंट ने मेन्यू में कटौती कर दी है और सीमित आइटम ही ग्राहकों को परोसे जा रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 3 मार्च से बंद है कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई देहरादून में पिछले एक हफ्ते से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि सप्लाई रुकने से होटल, ढाबे और हॉस्टल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की भारी किल्लत हो गई है और एजेंसियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उत्तराखंड गैस एजेंसी एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल ने बताया कि फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति स्कूलों, ढाबों और हॉस्टलों तक भी नहीं हो पा रही है। उन्होंने आगे कहा, कमर्शियल सिलेंडर की मांग हर कुछ मिनट में आ रही है, लेकिन सप्लाई बिल्कुल नहीं हो पा रही। एजेंसियों पर लोगों का लगातार दबाव बढ़ रहा है और गैस नहीं मिलने से कई छोटे होटल और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। केवल एक सिलेंडर देने की बात कही जा रही गैस संकट के बीच होटल कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है। देहरादून के कई होटलों में गैस का सीमित स्टॉक बचा है, जिससे आने वाले दिनों में संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। देहरादून होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु कोचर ने बताया कि उनके होटल में फिलहाल केवल दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। उन्होंने आगे कहा, सरकार की ओर से महीने में सिर्फ एक कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही जा रही है, जो होटल कारोबार के लिए बिल्कुल पर्याप्त नहीं है। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो होटल इंडस्ट्री को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। डीजल भट्टी और इंडक्शन से चल रही रसोई कमर्शियल गैस की कमी के बीच कई रेस्टोरेंट संचालकों ने अब वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। गैस न मिलने से रसोई बंद न हो, इसके लिए डीजल भट्टी, इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है। देहरादून में रेस्टोरेंट चेन संचालित करने वाले रवीश गाबा ने बताया कि गैस की किल्लत के कारण उन्हें कुकिंग के लिए अलग-अलग विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हमारे आउटलेट पर रोजाना करीब चार कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। फिलहाल गैस नहीं मिलने से कुछ फूड आइटम कम कर दिए हैं और साउथ इंडियन फूड पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है, क्योंकि उसमें गैस की खपत अपेक्षाकृत कम होती है। घरेलू उपभोक्ताओं की भी परेशानी बढ़ी कमर्शियल गैस संकट के बीच घरेलू उपभोक्ताओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह गैस लेने के लिए लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है और सीमित सिलेंडर मिलने से घरों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। मसूरी की रहने वाली सुमन देवी ने बताया कि गैस लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा, सुबह से लाइन में खड़े हैं, तब जाकर एक सिलेंडर मिल रहा है। घर में बच्चे स्कूल जाते हैं, उनके लिए रोज खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। एक ही सिलेंडर मिल रहा है, खत्म होते ही फिर वही परेशानी शुरू हो जाती है। पर्यटन कारोबार पर भी असर की आशंका स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि रेस्टोरेंट और होटल में गैस संकट बना रहा तो आने वाले पर्यटन सीजन पर भी असर पड़ सकता है। कई कारोबारियों ने इसे कोरोना काल जैसी स्थिति बताया और सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। कालाबाजारी रोकने के लिए 62 गैस एजेंसियों पर नजर कमर्शियल गैस संकट के बीच प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। जिला प्रशासन की ओर से गैस एजेंसियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की गलत तरीके से बिक्री न हो सके। देहरादून के जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने बताया कि मौजूदा हालात में कमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने आगे कहा, जिले की सभी 62 गैस एजेंसियों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के स्टॉक पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी न हो और सही उपभोक्ता तक गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। गैस संकट के बीच धामी सरकार का प्लान-B गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने के बीच उत्तराखंड सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने संभावित संकट को देखते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर फायरवुड (जलाने की लकड़ी) उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हालात संकट जैसे जरूर हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। यदि एलपीजी की कमी बढ़ती है तो सरकार जरूरत के अनुसार जलाने के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगी। ------------------ ये खबर भी पढ़ें : उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: सिर्फ अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को मिलेगी, पैनिक बुकिंग शुरू उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पीएस पांगती ने बताया कि पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी है। (पढ़ें पूरी खबर)
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