Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    यूरोप और अमेरिका के स्की-रिसार्ट्स को टक्कर देगा उत्तराखंड:देश में पहली बार नाइट स्कीइंग का आयोजन, विंटर गेम्स में हिमाचल का दबदबा

    8 hours ago

    उत्तराखंड के चमोली में स्थित औली अब यूरोप और अमेरिका के स्की-रिसार्ट्स को टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश के इतिहास में पहली बार औली में नाइट स्कीइंग का आयोजन कराया गया। औली में कड़ाके की ठंड और ऊंचाइयों पर जमी बर्फ के बीच फ्लड लाइट्स जलाई गईं। जब ढलानों पर फ्लडलाइट्स जलाई गईं, तो बर्फीली चोटियां दूधिया रोशनी में नहा उठीं। तेज रफ्तार से ढलानों पर उतरते स्कीइंग खिलाड़ियों का प्रदर्शन देख दर्शक रोमांचित हो उठे। विंटर कार्निवल और नेशनल विंटर गेम्स में इस बार हिमाचल की टीम 17 पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनी। अल्पाइन स्कीइंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए आंचल ठाकुर ने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए और बेस्ट एथलीट चैंपियन का खिताब हासिल किया। चार दिनों तक चले इस आयोजन में देशभर से आए खिलाड़ियों ने स्कीइंग सहित विभिन्न शीतकालीन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेल प्रतिस्पर्धाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। 17 राज्यों की टीमों ने लिया हिस्सा शून्य से नीचे के तापमान और चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर देशभर से आए खिलाड़ियों ने तकनीक और खेल भावना का अद्वितीय प्रदर्शन किया। गढ़वाल मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक लक्ष्मीराज चौहान ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से 12 से 16 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विंटर टूरिज्म को नई ऊंचाइयां देना है। इस वर्ष नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप में 17 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें करीब 250 प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हिमाचल ने जीते सबसे अधिक पदक विंटर कॉर्निवाल और नेशनल स्क्रीनिंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश का दबदबा रहा। हिमाचल ने 17 पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं आर्मी की टीम 12 पदक जीतकर दूसरे स्थान पर रही। जम्मू कश्मीर की टीम ने 4 पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रही। 3 प्वाइंट्स में समझिए क्यों खास है यह आयोजन… ऐतिहासिक क्षण- औली में अब तक केवल दिन की रोशनी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती थीं। एसोसिएशन के सचिव राकेश रंजन भिलंगवाल ने बताया कि यह भारत का पहला ऐसा प्रयोग है, जो सफल रहा। विदेशी तर्ज पर विकास- एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास के अनुसार, विदेशों में नाइट स्कीइंग बहुत लोकप्रिय है। भारत में इसकी शुरुआत का उद्देश्य औली को केवल मौसमी पर्यटन स्थल न रखकर एक 'पूर्णकालिक एडवेंचर हब' बनाना है। आर्थिक लाभ- नाइट इवेंट्स होने से पर्यटकों के रुकने की अवधि बढ़ेगी। इससे स्थानीय गाइडों, होमस्टे संचालकों और पर्यटन व्यवसाय को सीधा फायदा पहुंचेगा। नाइट स्नो स्कीइंग इवेंट्स का आयोजन रहा सफल राष्ट्रीय स्कीइंग कोच अजय भट्ट ने बताया- इस तरह की नाइट स्नो स्कीइंग विदेशों में देखने को मिलती थी। इस बार विंटर कार्निवाल और नेशनल विंटर गेम्स को यादगार बनाने के लिए 'नाइट स्नो स्कीइंग इवेंट्स' का आयोजन किया गया है, जो पूरी तरह सफल रहा है। दुनिया भर के लिए एक नई पहचान बनेगा औली विंटर गेम एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने बताया कि हमारा लक्ष्य औली को केवल सीजनल डेस्टिनेशन न रखकर, उसे एक पूर्णकालिक साहसिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। भारत के किसी भी स्कीइंग सेंटर पर पहली बार नाइट इवेंट आयोजित हुआ। अब दुनिया भर के लिए एक नई पहचान बनेगा।
    Click here to Read More
    Previous Article
    "Chances That We've Been Visited By Aliens...": Obama's Clarification
    Next Article
    टी-20 वर्ल्डकप- ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड की हाफ सेंचुरी:मार्श के साथ 97 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप; श्रीलंका के पथिराना को हैमस्ट्रिंग इंजरी, बाहर गए

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment