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    चारों धाम में गैर सनातनियों की एंट्री नहीं होगी:दैनिक भास्कर एप कॉन्क्लेव में बद्री-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष बोले- मोबाइल भी बैन रहेगा

    17 hours ago

    दैनिक भास्कर के ‘उत्तराखंड-विकास-विश्वास-विजन कॉन्क्लेव’ का आयोजन सोमवार को देहरादून के राजपुर रोड स्थित होटल हयात सेंट्रिक में किया गया। इस दौरान राज्य के विकास, पर्यटन, उद्योग, फिल्म शूटिंग और भविष्य की संभावनाओं जैसे मुद्दों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने किया। राज्यपाल ने कहा कि दैनिक भास्कर ने इस आयोजन के लिए जो थीम चुनी है, वह त्रिशूल की तरह सटीक है और ऐसे मंच राज्य के भविष्य को लेकर सार्थक चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर देते हैं। कॉन्क्लेव के अलग-अलग सत्रों में उद्योग, पर्यटन, चारधाम यात्रा, फिल्म नीति और युवाओं के अवसरों पर चर्चा हुई। इस दौरान बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चारधाम व्यवस्था पर अपनी बात रखी। द्विवेदी ने कहा, चार धाम में गैर सनातनियों की एंट्री नहीं होगी। मंदिरों के 70 मीटर दायरे में मोबाइल भी बैन रहेगा। यू ट्यूबर्स मंदिरों के आसपास घंटों रीलें बनाते हैं इससे तीर्थयात्रियों को परेशानी होती है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने राज्य में सेब उत्पादन और बागवानी की संभावनाओं का जिक्र किया। वहीं बॉलीवुड इंटरैक्शन सत्र में फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने फिल्म इंडस्ट्री और छोटे शहरों की कहानियों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को उत्तराखंड विजनरी अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम से जुड़ी 5 तस्वीरें देखें… कॉन्क्लेव के पांचों सत्र के बारे में विस्तार से पढ़ें… पहला सत्र- राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड बदल रहा है कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने कार्यक्रम की शुरुआत की। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए सबसे पहले स्पष्ट विजन, फिर उस पर विश्वास और उसके बाद विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। उनके मुताबिक उत्तराखंड में कई क्षेत्रों में शांत लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई दे रहे हैं, जैसे हनी क्रांति, अरोमा मिशन, मिलेट और होम-स्टे जैसे प्रयास। इस दौरान विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन से उत्तराखंड में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल देखा है। उन्होंने बताया कि 2014 में पहली बार वह पिता के चुनाव के दौरान उत्तराखंड आईं और उसके बाद ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत गढ़वाल में काम शुरू किया। दूसरा सत्र: उद्योग और रोजगार पर चर्चा कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र ‘उत्तराखंड में संभावनाएं और उभरते अवसर, औद्योगिक विकास और बिजनेस इकोसिस्टम’ में उद्योग और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस सत्र में ओएनजीसी के रीवायर्ड एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज बर्थवाल, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, शैलेट ग्रुप के सीओओ गौरव सिंह और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना शामिल हुए। इस दौरान पंकज गुप्ता ने कहा कि राज्य के पहाड़ी जिलों में तकनीकी शिक्षा संस्थानों, खासकर आईटीआई की कमी है। उनका कहना था कि उद्योगों को कुशल मानव संसाधन चाहिए, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में प्रशिक्षण के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। सत्र में यह भी चर्चा हुई कि उत्तराखंड में उद्योग और पर्यटन के साथ-साथ सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। तीसरा सत्र: पर्यटन, चारधाम और कुंभ पर चर्चा तीसरा सत्र ‘टूरिज्म, चारधाम यात्रा और कुंभ 2027: विजन, तैयारी और प्रबंधन’ में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। इसमें कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के सेक्रेटरी दीपक गुप्ता और पर्यटन विकास बोर्ड की अतिरिक्त निदेशक पूनम चंद शामिल हुए। हेमंत द्विवेदी ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन दोनों अलग-अलग विषय हैं और चारों धामों में गैर सनातनियों की एंट्री नहीं होगी। मंदिरों के 70 मीटर दायरे में मोबाइल भी बैन रहेगा। यू ट्यूबर्स मंदिरों के आसपास घंटों रीलें बनाते हैं इससे तीर्थयात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की स्थापना 1939 में हुई थी और इसके अंतर्गत 47 मंदिर आते हैं। वहीं, पूनम चंद ने कहा कि कुंभ 2027 को भव्य और वैश्विक आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। चौथा सत्र: फिल्म, युवा और क्रिएटिव इकोनॉमी कॉन्क्लेव के बॉलीवुड विशेष सत्र ‘फिल्म डेस्टिनेशन, यूथ और क्रिएटिव इकोनॉमी’ में पद्मश्री से सम्मानित फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर और सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भाग लिया। मधुर भंडारकर ने कहा कि उनकी लगभग 70 प्रतिशत फिल्में वास्तविक जीवन के किरदारों से प्रेरित होती हैं। उन्होंने बताया कि कई बार असल घटनाओं को फिल्म में दिखाते समय कहानी को थोड़ा बदलना पड़ता है ताकि किसी विवाद की स्थिति न बने। भूमि पेडनेकर ने कहा कि भारत की असली कहानियां टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकल रही हैं और नया भारत भी इन्हीं शहरों में आकार ले रहा है। बंशीधर तिवारी ने कहा कि नई फिल्म नीति के तहत फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि फिल्म निर्माता उत्तराखंड को बेहतर शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में चुनें। पांचवां सत्र: मंच से बांटे गए उत्तराखंड विजनरी अवॉर्ड्स कॉन्क्लेव के आखिर में ‘उत्तराखंड विजनरी अवॉर्ड्स’ दिए गए। इस दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में धर्मेंद्र सिंह नेगी, आशीष डबराल, पृथ्वीराज सिंह राणा, जितेंद्र हानेरी, संगीता रावत, ममता रावत और क्षितिज डोभाल शामिल रहे। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में समाज और स्थानीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने पुरस्कार विजेताओं के योगदान का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए उन्हें सम्मानित किया और समाज के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। कॉन्क्लेव से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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